सूरत में पहली बार हाई-टेक रथ पर सवार होंगे भगवान जगन्नाथ
आधुनिक रथ में हाइड्रोलिक सिस्टम और पावर स्टीयरिंग जैसी सुविधाएं, 28वीं रथयात्रा बनेगी खास आकर्षण
सूरत। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की 28वीं भव्य रथयात्रा इस वर्ष आषाढ़ी बीज के पावन अवसर पर एक नए और अत्याधुनिक स्वरूप में निकलेगी।
पहली बार सूरत में भगवान जगन्नाथ की नगरयात्रा हाई-टेक रथ पर निकाली जाएगी, जो आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होने के कारण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
सूरत इस्कॉन मंदिर के लिए मुंबई में तैयार किए गए इस नए रथ में पावर स्टीयरिंग, पावर व्हील और हाइड्रोलिक सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
इन तकनीकी विशेषताओं के कारण आवश्यकता के अनुसार रथ की ऊंचाई को कम या अधिक भी किया जा सकेगा, जिससे विभिन्न मार्गों पर यात्रा संचालन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा।
अब तक सूरत में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा पारंपरिक लकड़ी के रथ से निकाली जाती रही है। हालांकि, वर्षों से उपयोग में रहने के कारण पुराना रथ काफी जर्जर हो चुका था।
इस्कॉन मंदिर प्रशासन के अनुसार लगभग 25 से 26 वर्ष पुराने रथ की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा और दीर्घकालीन उपयोग को ध्यान में रखकर नया रथ तैयार कराने का निर्णय लिया गया।
नया रथ पूरी तरह मजबूत लोहे के फ्रेम पर आधारित है। इसे इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह न केवल अधिक सुरक्षित और टिकाऊ है, बल्कि पारंपरिक भव्यता को भी बनाए रखता है। आधुनिक तकनीक और आकर्षक डिजाइन के कारण इस वर्ष की रथयात्रा श्रद्धालुओं के लिए एक नया अनुभव लेकर आएगी।
इस्कॉन मंदिर प्रशासन का मानना है कि हाई-टेक सुविधाओं से युक्त यह रथ भविष्य में भी लंबे समय तक सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से रथयात्रा के आयोजन में उपयोगी साबित होगा।
