सूरत : मानसून में खाद्य सुरक्षा पर सख्ती, 1,136 प्रतिष्ठानों की जांच, 4,174 किलो संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त
153 प्रतिष्ठानों को नोटिस, 80 किलो खाद्य सामग्री मौके पर नष्ट; दूध, मसाले, तेल समेत 429 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए
सूरत। मानसून की शुरुआत के साथ खाद्य पदार्थों में मिलावट और अस्वच्छ खाद्य सामग्री से लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित खतरे को देखते हुए सूरत महानगरपालिका का खाद्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
जून-2026 के दौरान विभाग ने शहर के सभी जोनों में खाद्य पदार्थों के निर्माण, बिक्री और भंडारण से जुड़े प्रतिष्ठानों पर व्यापक जांच अभियान चलाया।
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कुल 1,136 प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इनमें से 77 प्रतिष्ठानों का FoSCoRIS एप्लिकेशन के माध्यम से पुनः निरीक्षण भी किया गया।
जांच के दौरान स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों में कमियां पाए जाने पर 153 प्रतिष्ठानों को कानूनी नोटिस जारी किए गए, जबकि लगभग 80 किलोग्राम मानव उपभोग के अयोग्य खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
खाद्य विभाग ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए 4,174 किलोग्राम संदिग्ध खाद्य सामग्री भी जब्त की है। विभाग के अनुसार, इन मामलों में जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण अभियान के दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के 429 प्रवर्तन एवं सर्विलांस नमूने लेकर उन्हें सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया है। इनमें दूध एवं दुग्ध उत्पादों के 43 नमूने, खाद्य तेल एवं घी के 13 नमूने, काली मिर्च एवं मसालों के 29 नमूने तथा अन्य खाद्य पदार्थों के 344 नमूने शामिल हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित मामलों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य विभाग ने बताया कि मानसून के दौरान दूध में मिलावट रोकने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 26 जून 2026 को शहर में टैंकरों के माध्यम से दूध की आपूर्ति एवं बिक्री करने वाले 15 स्थानों से दूध के नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया कि आगामी दिनों में भी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण एवं सैंपलिंग अभियान लगातार जारी रहेगा।
