सूरत : गुजरात में पहली बार ऑनलाइन ‘कैंप मेथड’ से 684 स्टाफ नर्सों का हेड नर्स पद पर प्रमोशन, न्यू सिविल में 67 पद भरे गए

स्वास्थ्य विभाग की पारदर्शी पदोन्नति एवं स्थानांतरण प्रक्रिया की सराहना; न्यू सिविल अस्पताल में वार्ड प्रबंधन और मरीज सेवाओं को मिलेगी मजबूती

सूरत : गुजरात में पहली बार ऑनलाइन ‘कैंप मेथड’ से 684 स्टाफ नर्सों का हेड नर्स पद पर प्रमोशन, न्यू सिविल में 67 पद भरे गए

सूरत | 3 जुलाई, 2026। गुजरात सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल करते हुए राज्यभर में नर्सिंग स्टाफ के पदोन्नति और स्थानांतरण की प्रक्रिया पहली बार पूरी तरह ऑनलाइन एवं पारदर्शी ‘कैंप मेथड’ से संपन्न की है।

इस प्रक्रिया के तहत राज्य की 684 स्टाफ नर्सों को हेड नर्स के पद पर पदोन्नत किया गया है। इसके अलावा विभिन्न नर्सिंग कैडर में भी बड़े पैमाने पर पदोन्नति और स्थानांतरण किए गए हैं।

इस ऐतिहासिक निर्णय पर न्यू सिविल अस्पताल, सूरत के प्रशासन तथा द ट्रेंड नर्सेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TNAI) ने मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, गृह राज्यमंत्री हर्षभाई संघवी तथा स्वास्थ्य मंत्री प्रफुलभाई पनशेरिया का आभार व्यक्त किया है।

संगठन का कहना है कि नर्सिंग क्षेत्र में पारदर्शिता, योग्यता और कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देने वाला यह निर्णय पूरे स्वास्थ्य तंत्र को और मजबूत बनाएगा।

राज्य सरकार द्वारा लागू की गई इस प्रक्रिया के अंतर्गत 134 असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिटेंडेंट को पदोन्नति, 52 असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिटेंडेंट का स्थानांतरण, 45 पब्लिक हेल्थ नर्स को पदोन्नति, 12 पब्लिक हेल्थ नर्स का स्थानांतरण, 684 स्टाफ नर्सों को हेड नर्स पद पर पदोन्नति तथा 21 हेड नर्सों का स्थानांतरण किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इस प्रकार की ऑनलाइन और कैंप आधारित पदोन्नति एवं स्थानांतरण प्रणाली लागू करने वाला गुजरात देश का पहला राज्य बन गया है।

इस प्रक्रिया का सीधा लाभ न्यू सिविल अस्पताल, सूरत को भी मिला है, जहां हेड नर्स के 67 रिक्त पद भर दिए गए हैं। इनमें 43 नर्सें स्थानीय स्तर पर पदोन्नत हुई हैं, जबकि 24 हेड नर्सें अन्य जिलों से स्थानांतरित होकर सूरत में नियुक्त हुई हैं। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इससे वार्ड प्रबंधन, मरीजों की देखभाल और प्रशासनिक कार्यों में उल्लेखनीय सुधार होगा।

TNAI गुजरात के महासचिव इकबाल कड़ीवाला ने राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि बिना किसी भेदभाव, सिफारिश या पक्षपात के पूरी पारदर्शिता के साथ नर्सिंग स्टाफ को उनकी पसंद के स्थानों पर नियुक्ति दी गई है। उन्होंने इसे देश के नर्सिंग क्षेत्र में पहली बार इतने बड़े स्तर पर ऑनलाइन कैंप के माध्यम से लागू की गई ऐतिहासिक प्रक्रिया बताया।

उन्होंने कहा कि सूरत के न्यू सिविल अस्पताल में हेड नर्स के सभी रिक्त पद भर जाने से अस्पताल का कार्य संचालन और अधिक प्रभावी होगा। साथ ही राज्य सरकार ने पिछले तीन महीनों में नर्सिंग कर्मचारियों के विभिन्न उच्च वेतनमान से जुड़े मामलों को भी स्वीकृति देकर कर्मचारियों के हित में सकारात्मक कदम उठाए हैं।

न्यू सिविल अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. पारुलबेन वडगामा ने कहा कि बड़ी संख्या में एक साथ पदोन्नति और नियुक्तियां होने से अस्पतालों का प्रबंधन अधिक सुदृढ़ होगा और मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

उन्होंने बताया कि इससे पहले भी GPSC के माध्यम से क्लास-1 और क्लास-2 श्रेणी के लगभग 70 नर्सिंग सुपरिटेंडेंट की सीधी नियुक्ति की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री प्रफुलभाई पनशेरिया के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी प्रबंधन के लिए लगातार कार्य कर रही है।

इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता का संदेश देते हुए कहा कि “अपना घर, अपना आंगन और अपना अस्पताल भी स्वच्छ रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”

कार्यक्रम में आरएमओ डॉ. केतन नायक, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट निरजाबेन पटेल, नर्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारी नीलेश लाठिया, जगदीश बुहा, संजय परमार, गणपत पटेल, चेतन अहीर सहित बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

Tags: Surat