सूरत : टूटी सड़कों की मरम्मत अब ठेकेदार करेगा अपने खर्च पर, नगर आयुक्त का सभी विभागों को तत्काल निर्देश

नए टेंडरों में अनिवार्य होगी शर्त; सड़क धंसने या क्षतिग्रस्त होने पर ठेकेदार ही रहेगा पूरी तरह जिम्मेदार

सूरत : टूटी सड़कों की मरम्मत अब ठेकेदार करेगा अपने खर्च पर, नगर आयुक्त का सभी विभागों को तत्काल निर्देश

सूरत। मानसून की शुरुआत के साथ ही शहर में पानी की पाइपलाइन, ड्रेनेज और स्टॉर्म वॉटर लाइन से जुड़े कार्यों के बाद सड़कों के धंसने और गड्ढे बनने की लगातार घटनाओं को देखते हुए सूरत महानगरपालिका ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

नगर आयुक्त द्वारा जारी एक तत्काल (अर्जेंट) परिपत्र के अनुसार, अब निगम की सड़कों, जलापूर्ति लाइनों और स्टॉर्म ड्रेनेज से जुड़े सभी नए टेंडरों में ऐसी अनिवार्य शर्त शामिल की जाएगी, जिसके तहत कार्य पूर्ण होने के बाद सड़क क्षतिग्रस्त होने या धंसने पर उसकी मरम्मत का पूरा खर्च संबंधित ठेकेदार को स्वयं वहन करना होगा।

नगर निगम ने माना है कि बार-बार सड़क धंसने की घटनाओं से आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि भविष्य में कार्य की गुणवत्ता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी।

नई शर्त के अनुसार, यदि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद किसी भी कारण से सड़क टूटती है, गड्ढा बनता है या सड़क धंसती है, तो संबंधित ठेकेदार को अपने खर्च पर तत्काल उसकी मरम्मत और आवश्यक रखरखाव करना होगा। इस प्रावधान को सभी आगामी टेंडरों के 'स्कोप ऑफ वर्क' का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाएगा।

गौरतलब है कि स्थायी समिति के अध्यक्ष राजन पटेल ने फरवरी 2026 में इस समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए नगर आयुक्त को एक नोट भेजा था।

उन्होंने अपने नोट में उल्लेख किया था कि निर्माण कार्यों के बाद बार-बार सड़क धंसने की घटनाओं से नगर निगम की छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने सुझाव दिया था कि टेंडर की शर्तों में संशोधन कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जवाबदेही सीधे ठेकेदारों पर तय की जाए।

स्थायी समिति के सुझाव के आधार पर अब नगर आयुक्त ने सभी जोन कार्यालयों और संबंधित विभागाध्यक्षों को परिपत्र जारी कर इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम का मानना है कि इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा सड़क धंसने जैसी घटनाओं में कमी आएगी।

Tags: Surat