सूरत : पहली बारिश में कीम में जलजमाव से जनजीवन प्रभावित, वर्षों पुरानी समस्या फिर आई सामने

मानसून ने दी गर्मी से राहत, लेकिन जल निकासी की कमी से कई इलाकों में बनी परेशानी; किसानों के चेहरे खिले

सूरत : पहली बारिश में कीम में जलजमाव से जनजीवन प्रभावित, वर्षों पुरानी समस्या फिर आई सामने

लंबे समय से गर्मी की मार झेल रहे लोगों को सोमवार रात हुई पहली बारिश से राहत मिली, लेकिन सूरत जिले के कीम क्षेत्र में जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण कई इलाकों में बारिश आफत बनकर सामने आई। देर रात से सुबह तक कभी तेज तो कभी धीमी गति से हुई बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।

कीम के अमृतनगर, यमनानगर, कीम बाजार, गोविंद नगर सहित कई क्षेत्रों में बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में विकास कार्यों के दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या हर साल सामने आ जाती है।

कीम स्थित साधना कुटीर अस्पताल में भी भारी जलभराव के कारण मरीजों और अस्पताल प्रशासन को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जलजमाव के चलते मरीजों के उपचार और ऑपरेशन कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हुई। वहीं, कीम के मध्य बाजार में स्थित प्राचीन अंबाजी मंदिर परिसर में भी बारिश का पानी पहुंच गया। शिवालय और राधाकृष्ण मंदिर तक पानी पहुंचने से ऐसा दृश्य नजर आया मानो पहली बारिश भगवान का जलाभिषेक करने पहुंची हो।

कीम चौराहे पर स्थित फिरदोस शॉपिंग सेंटर में भी हर वर्ष की तरह इस बार पहली मानसूनी बारिश में जलभराव की स्थिति बनी। पानी भरने के कारण कई दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद रखने की नौबत आई। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पिछले दो दशकों से बारिश के दौरान यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। लोगों ने कहा कि यह तो बारिश का सिर्फ ट्रेलर है, मानसून की पूरी तस्वीर अभी बाकी है।

दूसरी ओर, मानसून के करीब 15 दिन देरी से पहुंचने के बाद हुई अच्छी बारिश से किसानों में खुशी का माहौल है। बारिश के बाद किसान खेतों में धान की फसल की तैयारी में जुट गए हैं। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले समय में नियमित अंतराल पर बारिश होती रही तो फसलों की पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है।

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