सूरत : GST विभाग का टैक्स चोरी पर शिकंजा, ब्यूटी प्रोडक्ट कारोबारियों और कपड़ा व्यापारी पर कार्रवाई
दो दिवसीय जांच में करीब 50 लाख रुपये की कर चोरी के संकेत; स्टॉक और खातों में गड़बड़ी उजागर, बड़े ब्यूटी सैलून भी जांच के दायरे में आ सकते हैं
सूरत। राज्य GST विभाग ने कर चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत इस बार शहर के ब्यूटी प्रोडक्ट के थोक कारोबारियों और कपड़ा व्यापारियों पर कार्रवाई तेज कर दी है।
पिछले दो दिनों में वराछा, कतारगाम और रिंग रोड क्षेत्रों में की गई जांच के दौरान प्रारंभिक स्तर पर करीब 50 लाख रुपये की GST चोरी के संकेत मिले हैं। विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच उन सूचनाओं के आधार पर की गई, जिनमें आरोप था कि शहर के कई प्रमुख ब्यूटी सैलून को उत्पादों की आपूर्ति करने वाले कुछ थोक व्यापारी वास्तविक बिक्री की तुलना में कम टर्नओवर दर्शाकर GST की चोरी कर रहे हैं।
स्टॉक और खातों में मिला बड़ा अंतर
कार्रवाई के दौरान चार व्यापारिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इनमें से दो कारोबारी मौके पर मौजूद नहीं मिले, जबकि अन्य दो प्रतिष्ठानों में उपलब्ध स्टॉक और लेखा पुस्तकों में उल्लेखनीय अंतर पाया गया। प्रारंभिक जांच में अधिकारियों को बिक्री कम दिखाकर कर देनदारी घटाने के संकेत मिले हैं।
इसी अभियान के तहत रिंग रोड स्थित एक कपड़ा व्यापारी के प्रतिष्ठान पर भी जांच की गई, जहां स्टॉक और अकाउंटिंग रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार, वास्तविक बिक्री से कम बिक्री दर्शाकर GST देनदारी कम करने के प्राथमिक साक्ष्य मिले हैं।
अब बड़े ब्यूटी सैलून भी जांच के घेरे में
सूत्रों का कहना है कि ब्यूटी प्रोडक्ट कारोबारियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर अब शहर के बड़े ब्यूटी सैलून भी विभाग की जांच के दायरे में आ सकते हैं। इससे पहले सैलून संचालकों के खिलाफ हुई जांच में यह सामने आया था कि खातों में दर्ज आय और ग्राहकों से प्राप्त वास्तविक भुगतान में काफी अंतर था। विशेष रूप से महंगे ब्यूटी ट्रीटमेंट और कॉस्मेटिक सेवाओं की बिलिंग में अनियमितताओं के संकेत मिले थे।
परफ्यूम कारोबारी पर हुई कार्रवाई फिर चर्चा में
व्यापारिक हलकों में कुछ महीने पहले शहर के एक चर्चित परफ्यूम कारोबारी पर हुई GST छापेमारी का मामला भी एक बार फिर चर्चा में है। कारोबारी वर्ग में यह चर्चा है कि उस मामले के निपटारे में भूमिका निभाने वाला एक व्यक्ति अब स्वयं को 'व्हाइट कॉलर' बताता है। हालांकि, इस संबंध में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सप्लाई चेन की निगरानी से पकड़ में आती है कर चोरी
कर विशेषज्ञों का मानना है कि GST चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पूरी सप्लाई चेन की निगरानी आवश्यक है। यदि उत्पादन स्तर पर गड़बड़ियां छिपा दी जाएं तो उनका पता लगाना कठिन होता है, लेकिन बाद के चरणों में फर्जी बिलिंग, बिना बिल माल की आपूर्ति और स्टॉक में अंतर जैसी अनियमितताओं के आधार पर कर चोरी उजागर की जा सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, छापेमारी के दौरान जब्त दस्तावेजों और वास्तविक स्टॉक के मिलान से ऐसे मामलों का खुलासा संभव होता है।
