सूरत : बैंक ऑफ बड़ौदा ने केंद्र सरकार को ₹2,811 करोड़ का लाभांश सौंपा

वित्त वर्ष 2025-26 में ₹20,021 करोड़ का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ, पहली बार वार्षिक मुनाफा ₹20,000 करोड़ के पार; वैश्विक कारोबार ₹30 लाख करोड़ से अधिक

सूरत : बैंक ऑफ बड़ौदा ने केंद्र सरकार को ₹2,811 करोड़ का लाभांश सौंपा

सूरत। भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शामिल बैंक ऑफ बड़ौदा ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को ₹2,811 करोड़ का लाभांश प्रदान किया है।

बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (MD & CEO) डॉ. देबदत्त चांद ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को लाभांश का चेक सौंपा।

इस अवसर पर वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव श्री संजय लोहिया (IAS) के साथ बैंक के कार्यपालक निदेशक श्री ललित त्यागी, श्री संजय मुदालियर, श्री लाल सिंह तथा सुश्री बीना वाहिद भी उपस्थित रहे।

बैंक ने कहा कि यह लाभांश भुगतान उसके मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बैंक ने ₹2 अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹8.50 का लाभांश घोषित किया है, जो अंकित मूल्य का 425 प्रतिशत है।

रिकॉर्ड वित्तीय प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 बैंक ऑफ बड़ौदा के लिए उपलब्धियों से भरा वर्ष रहा। बैंक ने पहली बार वार्षिक शुद्ध लाभ के मामले में ₹20,000 करोड़ का आंकड़ा पार करते हुए ₹20,021 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया। इसके साथ ही 31 मार्च 2026 तक बैंक का वैश्विक कारोबार भी ₹30 लाख करोड़ से अधिक पहुंच गया।

बैंक का कहना है कि मजबूत वित्तीय परिणाम उसकी सतत विकास रणनीति, बेहतर परिचालन दक्षता और ग्राहकों के विश्वास का परिणाम हैं।

बैंक ऑफ बड़ौदा का परिचय

20 जुलाई 1908 को सर महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय द्वारा स्थापित बैंक ऑफ बड़ौदा आज भारत के प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों में शामिल है। बैंक में भारत सरकार की 63.97 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

बैंक पांच महाद्वीपों के 15 देशों में फैले लगभग 65,000 टच प्वाइंट्स और विभिन्न डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से 18 करोड़ से अधिक वैश्विक ग्राहकों को बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रहा है।