सूरत : “विकसित गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026” से सूरत के टेक्सटाइल उद्योग को मिलेगी नई दिशा : गिरधर गोपाल मूंदड़ा 

MMF, गारमेंटिंग, MSME और निर्यात क्षेत्र में बढ़ेंगे अवसर, विशेष पैकेज से उद्योग को मिल सकती है नई गति

सूरत : “विकसित गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026” से सूरत के टेक्सटाइल उद्योग को मिलेगी नई दिशा : गिरधर गोपाल मूंदड़ा 

गुजरात सरकार की “विकसित गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026” सूरत के टेक्सटाइल उद्योग के लिए विकास के नए अवसर लेकर आ सकती है। टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े उद्योग विशेषज्ञ गिरधर गोपाल मूंदड़ा के अनुसार नई औद्योगिक नीति में मैन-मेड फाइबर (MMF), टेक्निकल टेक्सटाइल, गारमेंटिंग, MSME और निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है, जिसका सीधा लाभ सूरत के कपड़ा उद्योग को मिल सकता है।

उन्होंने बताया कि सूरत देश में MMF (Man-Made Fibre) का सबसे बड़ा केंद्र है। सरकार ने MMF और टेक्निकल टेक्सटाइल को भविष्य के महत्वपूर्ण उद्योगों में शामिल किया है। इससे आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ-साथ निर्यात के अवसर भी मजबूत होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सूरत का टेक्सटाइल उद्योग अब केवल कपड़ा उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा। नई नीति में गारमेंट, मेड-अप्स और टेक्निकल टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहन मिलने से वैल्यू एडिशन बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने बताया कि सूरत की करीब 90 प्रतिशत टेक्सटाइल इकाइयां MSME श्रेणी में आती हैं। नई नीति में कैपिटल सब्सिडी, ब्याज सहायता और अन्य प्रोत्साहनों के लिए अधिक लचीला ढांचा उपलब्ध कराया गया है। इससे छोटी और मध्यम इकाइयों को नई मशीनरी लगाने, तकनीकी सुधार करने और विस्तार करने में सहायता मिलेगी। नीति में मेगा और अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए कस्टमाइज्ड इंसेंटिव का प्रावधान बड़े घरेलू और विदेशी निवेशकों को गुजरात की ओर आकर्षित कर सकता है। इससे सूरत में टेक्सटाइल क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।

उन्होंने कहा कि गुजरात को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब बनाने के सरकार के लक्ष्य का लाभ सूरत के टेक्सटाइल उद्योग को मिल सकता है। यदि सूरत को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स सुविधाएं और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप सहयोग मिलता है तो यह क्षेत्र और तेजी से आगे बढ़ सकता है।

गिरधर गोपाल मुंदड़ा ने कहा कि नई औद्योगिक नीति सूरत के टेक्सटाइल उद्योग के लिए सकारात्मक और विकासोन्मुख कदम है। हालांकि सूरत की विशेष आवश्यकताओं जैसे प्रोसेसिंग उद्योग, पावरलूम, आधुनिक औद्योगिक ढांचा और लॉजिस्टिक्स को ध्यान में रखते हुए यदि सरकार अलग विशेष पैकेज की घोषणा करती है तो यह नीति सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए वास्तविक रूप से गेम चेंजर साबित हो सकती है।

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