सूरत : पुरुषोत्तम मास में प्रेम प्रकाश आश्रम में सत्संग, कथा एवं सेवा कार्यों की धूम
स्कंद पुराण कथा में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़, संतों ने बताया पुरुषोत्तम मास का आध्यात्मिक महत्व
पवित्र पुरुषोत्तम मास के अवसर पर प्रेम प्रकाश आश्रम में पूरे माह धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सेवा कार्यों का आयोजन किया जा रहा है। आश्रम में प्रतिदिन सत्संग, कीर्तन, सेवा कार्य तथा संत-महात्माओं के सान्निध्य में कथा प्रवचन आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका बड़ी संख्या में श्रद्धालु लाभ उठा रहे हैं।
आश्रम में 3 जून से 15 जून तक दादी कृष्णा लाली जी के सानिध्य में सात दिवसीय राधा चरित्र कथा का आयोजन किया गया। साथ ही वृंदावन से पधारे आचार्य श्री कृष्ण किंकर जी महाराज द्वारा स्कंद पुराण के काशी खंड की कथा का वाचन किया जा रहा है। कथा प्रतिदिन प्रातः 9:30 से 11:00 बजे तथा सायं 5:30 से 7:00 बजे तक आयोजित हो रही है।
धर्मप्रेमी श्रद्धालु उत्साहपूर्वक कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं। कथा के दौरान पुरुषोत्तम मास की महिमा, धर्म, नीति, मर्यादा, सत्कर्म एवं आत्मकल्याण के विषय में विस्तृत मार्गदर्शन दिया जा रहा है। संतों ने बताया कि तीन वर्ष बाद आने वाला यह पावन पुरुषोत्तम मास साधना, दान, तीर्थ स्नान, पूजा-पाठ और कथा श्रवण के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
ग्रीष्म ऋतु की भीषण गर्मी को देखते हुए प्रेम प्रकाश आश्रम द्वारा जनसेवा के तहत पूरे माह शीतल जल, सुमुल की ठंडी छाछ तथा पुलाव एवं वड़ा-पाव का वितरण भी किया जा रहा है। यह सेवा कार्य प्रतिदिन विभिन्न स्थानों पर संचालित हो रहा है।
कथा यज्ञ के दौरान अहमदाबाद आश्रम के प्रेम प्रकाश मंडल से संत लक्ष्मण लाल जी, वृंदावन से संत चितप्रकाश जी तथा उज्जैन से डॉ. जयप्रकाश जी सहित अनेक संत-महात्माओं का आगमन हुआ। संतों ने श्रद्धालुओं को धर्मानुसार जीवन जीने, सत्कर्म करने तथा मानव जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दिया।
आचार्य श्री कृष्ण किंकर जी महाराज अपने ओजस्वी एवं सरल प्रवचनों के माध्यम से शास्त्रों के गूढ़ रहस्यों को सहज भाषा में समझा रहे हैं। वे श्लोकों का पाठ, भावार्थ एवं व्याख्या प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान से लाभान्वित कर रहे हैं। आश्रम परिवार ने सभी श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी जनों से 15 जून तक आयोजित कथा एवं धार्मिक कार्यक्रमों में परिवार सहित उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है।
