सूरत : टेक्सटाइल सेक्टर की भव्य अवॉर्ड सेरेमनी, 53 कंपनियां ‘एसजीसीसीआई टेक्सटाइल अवार्ड्स 2026’ से सम्मानित
टेक्सटाइल इंडस्ट्री में इनोवेशन, एक्सपोर्ट, टेक्नोलॉजी और क्वालिटी मैनेजमेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कंपनियों को मिला सम्मान
सूरत, 29 मई 2026 : सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) और कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री (CITI) के संयुक्त तत्वावधान में सरसाना स्थित इंटरनेशनल एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (SIECC) के प्लैटिनम हॉल में ‘एसजीसीसीआई टेक्सटाइल अवार्ड्स 2026’ का भव्य आयोजन किया गया।
समारोह में टेक्सटाइल वैल्यू चेन के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट और नवाचारपूर्ण कार्य करने वाली 53 कंपनियों और उद्योगपतियों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पायल रवि द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना नृत्य से हुई। इसके बाद एसजीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष आशीषभाई गुजराती ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।
सूरत देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन : निखिल मद्रासी
चैंबर अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने कहा कि सूरत केवल टेक्सटाइल सिटी नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था का सबसे शक्तिशाली ग्रोथ इंजन है। टेक्सटाइल उत्पादन, एम्ब्रॉयडरी और एक्सपोर्ट में अग्रणी सूरत लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि महामारी, कच्चे माल की कमी और तकनीकी बदलाव जैसी चुनौतियों के बावजूद सूरत के उद्योगपतियों ने उत्पादन क्षमता को आधुनिक बनाया और नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान बनाई है।
टेक्सटाइल सेक्टर 25 करोड़ लोगों को देता है रोजगार : अशोक जीरावाला
चैंबर के वाइस प्रेसिडेंट अशोक जीरावाला ने कहा कि कृषि के बाद टेक्सटाइल ही ऐसा क्षेत्र है जो देश में लगभग 25 करोड़ लोगों को रोजगार देता है। उन्होंने कहा कि किसी भी उद्योग की सफलता केवल उत्पादन से नहीं, बल्कि मजबूत नेतृत्व, इनोवेशन और उत्कृष्ट कार्यशैली से तय होती है।
MMF सेक्टर में सूरत का 65 प्रतिशत योगदान : नीरज कुमार आर्य
वेलस्पन लिविंग के बिजनेस हेड एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नीरज कुमार आर्य ने कहा कि मैनमेड फैब्रिक (MMF) सेक्टर में सूरत का देश में 65 प्रतिशत योगदान है। उन्होंने कहा कि चीन वैश्विक टेक्सटाइल एक्सपोर्ट में अभी भी काफी आगे है, इसलिए भारत को कॉस्ट एफिशिएंसी और ग्लोबल वैल्यू चेन से जुड़ने की दिशा में तेजी से काम करना होगा।
उन्होंने उद्योगपतियों से ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि आने वाले समय में मैनपावर की कमी बड़ी चुनौती बन सकती है, इसलिए स्थानीय युवाओं को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित करना आवश्यक है।
टेक्निकल टेक्सटाइल और ऑटोमेशन पर जोर
प्रतिभा ग्रुप के प्रमोदभाई चौधरी ने कहा कि डेनिम उत्पादन में सूरत देश में अहमदाबाद के बाद दूसरे स्थान पर है और आने वाले समय में टेक्निकल टेक्सटाइल हब के रूप में उभरेगा।
गोकुल टेक्स प्रिंट के सुभाष धवन ने कहा कि डिजिटल प्रिंटिंग और तकनीकी विकास के कारण सूरत ने पिछले वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि विस्कोस यार्न में चीन पर निर्भरता कम हुई है, लेकिन वैश्विक एक्सपोर्ट में सूरत की हिस्सेदारी अभी भी सीमित है, इसलिए विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं को मिला सम्मान
समारोह में प्रोडक्ट इनोवेशन, एक्सपोर्ट, क्वालिटी मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी एडॉप्शन, बेस्ट HR प्रैक्टिस, रीसाइक्लिंग और टेक्सटाइल मशीनरी मैन्युफैक्चरिंग सहित कई श्रेणियों में उद्योगपतियों और कंपनियों को सम्मानित किया गया।
इसके अलावा टेक्सटाइल इंडस्ट्री के विकास में विशेष योगदान देने वाले कई वरिष्ठ उद्योगपतियों को स्पेशल ऑनर्स और कंट्रीब्यूशन अवॉर्ड भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के अंत में चैंबर के वाइस प्रेसिडेंट (इलेक्ट) रविभाई देसाई ने सभी अतिथियों और उद्योगपतियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान न केवल अनुभवी उद्योगपतियों के लिए, बल्कि नई पीढ़ी के उन युवा उद्यमियों के लिए भी प्रेरणा है जो आधुनिक सोच के साथ फैमिली बिजनेस को नई दिशा दे रहे हैं।
