सूरत : मेट्रो प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, दूसरे कॉरिडोर पर ट्रायल रन शुरू
500 घंटे तक चलेगी मेट्रो की तकनीकी और सेफ्टी टेस्टिंग, अंतिम मंजूरी के बाद शुरू होगी यात्री सेवा
सूरत मेट्रो प्रोजेक्ट, जिसका शहरवासी और प्रशासन लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं, अब धीरे-धीरे अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। पहले कॉरिडोर पर सफल ट्रायल रन के बाद अब दूसरे कॉरिडोर पर भी मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन शुरू कर दिया गया है।
गुरुवार को उगत कैनाल रोड से सूरत मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर पर आधिकारिक ट्रायल रन की शुरुआत हुई। इस दौरान मेट्रो ट्रेन को करीब 500 घंटे तक लगातार चलाकर उसकी तकनीकी क्षमता, सुरक्षा मानकों और ऑपरेशनल सिस्टम की विस्तृत जांच की जाएगी। गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (जीएमआरसी) और जीईसी के विशेषज्ञ अलग-अलग स्तर पर इसकी टेस्टिंग करेंगे।
ट्रायल प्रक्रिया पूरी होने के बाद देश की प्रमुख संस्था रिसर्च डिज़ाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइज़ेशन (आरडीएसओ) और अन्य नियामक एजेंसियों द्वारा आवश्यक तकनीकी परीक्षण किए जाएंगे। अंतिम चरण में कमिश्नर ऑफ़ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की ओर से सुरक्षा निरीक्षण और मंजूरी मिलने के बाद सूरत में मेट्रो सेवा आम लोगों के लिए शुरू कर दी जाएगी।
12,020 करोड़ के प्रोजेक्ट का 75 प्रतिशत काम पूरा
जीएमआरसी के अनुसार, सूरत मेट्रो प्रोजेक्ट के दोनों कॉरिडोर की कुल लंबाई 40.35 किलोमीटर है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 12,020 करोड़ रुपये है। अब तक परियोजना का 75 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा किया जा चुका है।
पूरे प्रोजेक्ट में कुल 38 मेट्रो स्टेशन और दो प्रमुख डिपो — ड्रीम सिटी डिपो तथा भेसन डिपो — शामिल हैं।
इससे पहले 29 मार्च 2026 को कॉरिडोर-1 (नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर) के तहत ड्रीम सिटी से अलथान टेनेमेंट स्टेशन के बीच 8.5 किलोमीटर लंबे रूट पर ट्रायल रन शुरू किया गया था। इस रूट पर 7 स्टेशनों को शामिल किया गया है और वर्तमान में वहां तकनीकी वेरिफिकेशन और टेस्टिंग प्रक्रिया जारी है।
अब कॉरिडोर-2 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) के तहत 6.5 किलोमीटर लंबे रूट और 7 नए स्टेशनों का सिविल कार्य पूरा होने के बाद यहां भी ट्रायल रन शुरू कर दिया गया है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि सूरत में मेट्रो सेवा शुरू होने का इंतजार अब ज्यादा लंबा नहीं रहेगा।
