सूरत एयरपोर्ट पर बहु-एजेंसी आपातकालीन मॉक ड्रिल आयोजित, आपदा प्रबंधन तैयारियों की हुई व्यापक समीक्षा

119 कार्मिकों ने लिया भाग, विभिन्न एजेंसियों के समन्वय और प्रतिक्रिया क्षमता का किया गया परीक्षण

सूरत एयरपोर्ट पर बहु-एजेंसी आपातकालीन मॉक ड्रिल आयोजित, आपदा प्रबंधन तैयारियों की हुई व्यापक समीक्षा

सूरत। सूरत हवाई अड्डे पर आपदा प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के उद्देश्य से बहु-एजेंसी आंशिक आपातकालीन मॉक अभ्यास (मल्टी एजेंसी पार्टियल इमरजेंसी मॉक एक्सरसाइज) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह अभ्यास एयरसाइड क्षेत्र (एप्रन) में पूर्व निर्धारित आपातकालीन परिदृश्य के आधार पर संचालित किया गया।

मॉक ड्रिल में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई), नगर अग्निशमन सेवा, स्थानीय पुलिस, सिविल डिफेंस, विभिन्न एयरलाइंस तथा चिकित्सा सेवाओं सहित कुल 119 अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।

अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित आपातकालीन स्थिति के दौरान विभिन्न एजेंसियों की तत्परता, समन्वय, संचार व्यवस्था और प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना था। साथ ही हवाई अड्डा आपातकालीन योजना (एयरपोर्ट इमरजेंसी प्लान) की प्रभावशीलता तथा विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय तंत्र की भी समीक्षा की गई।

हवाई अड्डा प्रशासन के अनुसार, पिछले वर्ष अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना जैसी घटनाओं से प्राप्त अनुभवों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में किसी भी आपात स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए इस अभ्यास का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से उपलब्ध संसाधनों, मानवबल, बचाव तंत्र और एजेंसियों के बीच समन्वय की तैयारियों को परखा गया।

अभ्यास के दौरान सभी संबंधित एजेंसियों ने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के अनुरूप त्वरित और समन्वित कार्रवाई का प्रदर्शन किया। इस दौरान संचार व्यवस्था, आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता, बचाव एवं राहत कार्यों की प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय का भी विस्तृत मूल्यांकन किया गया।

मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद सूरत हवाई अड्डा प्रशासन और सीआईएसएफ अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के नियमित अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों में प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत बनाने के साथ-साथ यात्रियों, विमान संचालन और हवाई अड्डा परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसी तैयारियों को और सुदृढ़ बनाने के लिए समय-समय पर मॉक अभ्यास आयोजित किए जाते रहेंगे।