सूरत चैंबर और घाना इंडिया चैंबर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर, दोनों देशों के उद्योगों के लिए खुलेंगे नए व्यापारिक अवसर
टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रिकल और सोलर सेक्टर में निवेश एवं व्यापार को मिलेगा बढ़ावा; भारत-घाना के बीच द्विपक्षीय कारोबारी सहयोग होगा मजबूत
सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) और घाना इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के बीच शुक्रवार, 26 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते का उद्देश्य भारत और घाना के बीच व्यापार, उद्योग, निवेश तथा द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को नई गति देना है। इस साझेदारी से दोनों देशों के उद्योगपतियों और व्यापारियों के लिए नए व्यावसायिक अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा कि किसी भी देश के साथ व्यापार शुरू करने से पहले वहां की सरकारी योजनाओं, औद्योगिक नीतियों और निवेश संबंधी प्रोत्साहनों की पूरी जानकारी होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि दक्षिण गुजरात के उद्योगपति शुरुआत में घाना के साथ छोटे स्तर पर व्यापार शुरू करेंगे, जिसे भविष्य में चरणबद्ध तरीके से विस्तार दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि घाना के साथ व्यापारिक गतिविधियों में चैंबर के माध्यम से समन्वय स्थापित करने से उद्योगों को बेहतर मार्गदर्शन और सहयोग मिलेगा।
घाना इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के कार्यकारी निदेशक स्टीफन क्वाकू डार्कू ने कहा कि सूरत और दक्षिण गुजरात के उद्यमियों के लिए घाना एक आकर्षक व्यापारिक गंतव्य है। उन्होंने बताया कि घाना की मुक्त व्यापार नीति (फ्री ट्रेड पॉलिसी) के कारण वहां कारोबार स्थापित करना अपेक्षाकृत आसान है।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल, इलेक्ट्रिकल और सोलर सेक्टर में निवेश और उद्योग स्थापना की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। घाना इंडिया चैंबर उद्योगपतियों को व्यवसाय शुरू करने और निवेश संबंधी सभी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा।
कार्यक्रम के अंत में चैंबर के मानद सचिव परेश लाठिया ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर घाना इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन डेविड ब्रायन ओब्रो, कार्यकारी निदेशक स्टीफन क्वाकू डार्कू, सदस्य सोलोमन वियाफ, तथा सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के मानद कोषाध्यक्ष अतुल पटेल सहित दोनों संस्थाओं के पदाधिकारी एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
चैंबर का मानना है कि यह समझौता भारत और घाना के बीच व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देगा तथा दक्षिण गुजरात के उद्योगों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
