सूरत : 22 साल बाद चाय की दुकान से दबोचा गया फरार चोर, क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई
2005 में मालिक के नहाने के दौरान तिजोरी से नकदी चोरी कर फरार हुआ ड्राइवर महाराष्ट्र से गिरफ्तार, दो दशक तक पुलिस को देता रहा चकमा
सूरत । सूरत शहर क्राइम ब्रांच ने 22 वर्षों से फरार चल रहे एक आरोपी को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी वर्ष 2005 में सूरत ग्रामीण के कामरेज पुलिस थाने में दर्ज चोरी के मामले में वांछित था।
पुलिस ने उसे उस समय दबोचा जब वह एक चाय की दुकान पर आराम से चाय-नाश्ता कर रहा था। गिरफ्तारी का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी के हाथ में चाय का गिलास दिखाई दे रहा है।
क्राइम ब्रांच की एंटी ऑर्गेनाइज्ड क्राइम स्क्वॉड को गुप्त सूचना मिली थी कि लंबे समय से फरार आरोपी युवराज जयसिंह राठौड़ (50), जो मूल रूप से महाराष्ट्र के जलगांव जिले का निवासी है, वर्तमान में छत्रपति संभाजीनगर के वालुज एमआईडीसी क्षेत्र में रह रहा है। सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस की विशेष टीम महाराष्ट्र पहुंची और योजनाबद्ध तरीके से उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2005 में आरोपी युवराज राठौड़ शिकायतकर्ता मयूरसिंह सुरेंद्रसिंह जडेजा के यहां ड्राइवर के रूप में कार्यरत था। 4 नवंबर 2005 की सुबह जब शिकायतकर्ता स्नान करने गए थे, उसी दौरान आरोपी ने खोलवड़ गांव स्थित 'मेहसाणा पाइप सिंडिकेट' कार्यालय की अलमारी से 54,710 रुपये नकद चोरी कर लिए और फरार हो गया।
घटना के बाद कामरेज पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 381 (नौकर द्वारा चोरी) के तहत मामला दर्ज किया गया था।चोरी के बाद आरोपी ने सूरत छोड़ दिया और महाराष्ट्र में अपनी पहचान छिपाकर रहने लगा। पुलिस की लगातार तलाश के बावजूद वह गिरफ्त से बाहर रहा।
बाद में अदालत ने उसके खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 70 के तहत गैर-जमानती वारंट जारी किया था, लेकिन आरोपी लगातार फरार रहा । हाल ही में मिली खुफिया सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच ने उसे महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी से मामले को लेकर जानकारी जुटाई गई है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे आगे की जांच और न्यायिक कार्रवाई के लिए कामरेज पुलिस के हवाले किया जाएगा।
क्राइम ब्रांच अधिकारियों के अनुसार, वर्षों से फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के अभियान के तहत यह एक महत्वपूर्ण सफलता है, जो यह दर्शाती है कि कानून से लंबे समय तक बच पाना संभव नहीं है।
