सूरत : शहर पुलिस बनी परीक्षार्थियों की ‘रक्षक’: एलआरडी परीक्षा में समय पर पहुंचाकर बचाया युवाओं का भविष्य
गलत सेंटर, खोया कॉल लेटर और छूटा बैग बनी परेशानी; पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए दर्जनों अभ्यर्थियों की मदद की
सूरत। लोक रक्षक दल (एलआरडी) भर्ती परीक्षा के दौरान रविवार को सूरत पुलिस का एक मानवीय और संवेदनशील चेहरा देखने को मिला। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिसकर्मियों ने अभिभावक की भूमिका निभाते हुए कई परीक्षार्थियों की मदद की और उनकी वर्षों की मेहनत को व्यर्थ होने से बचा लिया।
गलत परीक्षा केंद्र पहुंचने, कॉल लेटर खो जाने और आवश्यक दस्तावेज छूट जाने जैसी समस्याओं से जूझ रहे अभ्यर्थियों को समय पर सहायता प्रदान कर पुलिस ने उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया।
डिंडोली स्थित वेदांता इंटरनेशनल स्कूल में एक छात्रा गलती से परीक्षा देने पहुंच गई थी, जबकि उसका वास्तविक केंद्र कामरेज रोड स्थित लसकाना में जे.बी. कार्प विद्यासनकुल था। परीक्षा शुरू होने में कम समय बचा था और करीब 18 किलोमीटर की दूरी तय करना मुश्किल लग रहा था। छात्रा को परेशान और रोता देख डिंडोली पुलिस ने तत्काल सरकारी वाहन उपलब्ध कराया और ट्रैफिक के बीच उसे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाया।
एक अन्य अभ्यर्थी का कॉल लेटर गुम हो गया था। रविवार होने के कारण आसपास की सभी फोटो कॉपी और कंप्यूटर दुकानें बंद थीं। ऐसे में खटोदरा पुलिस उसे थाने ले गई, जहां ऑनलाइन नया कॉल लेटर डाउनलोड कर उसका प्रिंट निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने अभ्यर्थी को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की भी व्यवस्था की।
रांदेर क्षेत्र में एक छात्रा गलती से एम.एम. मुल्ला एंड एम.ए. नाना गर्ल्स हाई स्कूल पहुंच गई थी, जबकि उसका वास्तविक परीक्षा केंद्र गोराट स्थित एम.ए. गर्ल्स सेकेंडरी स्कूल था। समय की कमी को देखते हुए पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) की टीम ने उसे वाहन में बैठाकर तत्काल गोराट केंद्र तक पहुंचाया।
पाल थाना क्षेत्र में एक परीक्षार्थी का कॉल लेटर रास्ते में गिर गया था। जानकारी मिलने पर पुलिस ने उसे पाल पुलिस स्टेशन लाकर मोबाइल पर कॉल लेटर की कॉपी उपलब्ध कराई और सरकारी वाहन से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया।
अश्विनी कुमार पुलिस स्टेशन क्षेत्र में स्थित पी.पी. सवाणी विद्या भवन, हीराबाग में कई अभ्यर्थी पहुंच गए, जबकि उनका वास्तविक परीक्षा केंद्र पी.पी. सवाणी विद्यालय, उमरा था। दोनों केंद्रों के बीच लगभग 15 किलोमीटर की दूरी होने के कारण पुलिस ने तुरंत वाहन की व्यवस्था कर करीब 60 अभ्यर्थियों को सही केंद्र तक पहुंचाया।
नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा की रहने वाली मोगराबेन वसावा परीक्षा देने सूरत आई थीं। यात्रा के दौरान उनका बैग बस में छूट गया, जिसमें कॉल लेटर और अन्य जरूरी दस्तावेज थे। परीक्षा केंद्र पहुंचने पर वह परेशान होकर रोने लगीं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, उन्हें सांत्वना दी और सुरक्षित घर लौटने की व्यवस्था की। पुलिस ने उन्हें अडाजन बस डिपो पहुंचाकर राजपीपला जाने वाली बस में बैठाया।
रांदेर पुलिस ने परीक्षार्थियों से अपील की है कि परीक्षा के लिए यदि दूसरे शहर या गांव से आना हो तो संभव हो तो एक दिन पहले केंद्र का सत्यापन कर लें। साथ ही कॉल लेटर और अन्य दस्तावेजों को सुरक्षित रखें। किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या 112 हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
एलआरडी परीक्षा के दौरान सूरत पुलिस द्वारा दिखाई गई तत्परता और संवेदनशीलता की शहरभर में सराहना हो रही है। अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों ने पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली सहायता ने उनका भविष्य बचा लिया।
