सूरत : महात्मा गांधी के पदचिन्हों पर ऐतिहासिक पदयात्रा, दांडी से सूरत के भीमराड तक

सूरत : महात्मा गांधी के पदचिन्हों पर ऐतिहासिक पदयात्रा, दांडी से सूरत के भीमराड तक

नमक सत्याग्रह की 95वीं वर्षगांठ पर केंद्रीय मंत्री सी. आर. पाटिल ने दिखाई हरी झंडी, 9 अप्रैल को भीमराड में विराट जनसभा का आयोजन

महात्मा गांधी द्वारा 1930 में आरंभ किए गए ऐतिहासिक नमक सत्याग्रह की स्मृति में दांडी से सूरत के भीमराड गांव तक एक ऐतिहासिक पदयात्रा का शुभारंभ किया गया। यह यात्रा 6 अप्रैल को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई। यात्रा का समापन 9 अप्रैल को सूरत के भीमराड गांव में होगा, जहां एक विराट जनसभा का आयोजन भी प्रस्तावित है। 

दांडी,जो नवसारी जिले में अरब सागर के तट पर स्थित है, महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह का प्रतीक स्थल है।9 अप्रैल 1930 को गांधीजी ने इसी तट पर नमक उठाकर ब्रिटिश शासन के कानूनों के खिलाफ जनआंदोलन की शुरुआत की थी। इस आंदोलन ने देश की स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी।

इस पदयात्रा का उद्देश्य गांधीजी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना और सत्याग्रह के मूल संदेशों को पुनः जीवंत करना है। सूरत के भीमराड गांव में हुई एक बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सत्याग्रह की 95वीं वर्षगांठ पर इस ऐतिहासिक यात्रा को फिर से दोहराया जाए।

 यात्रा की शुरुआत में बड़ी संख्या में जनसमूह शामिल हुआ। 9 अप्रैल को भीमराड गांव में यात्रा का समापन होगा। समापन अवसर पर आयोजित विराट जनसभा में शहर की कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की संभावना है। यह पदयात्रा सिर्फ इतिहास की याद नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सत्य, अहिंसा और स्वराज्य के मूल्यों को संजोने का एक प्रयास भी है।

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