सूरत : बाढ़ से व्यापार और इंडस्ट्री को बड़ा झटका: रिटेल से लेकर टेक्सटाइल तक करोड़ों का नुकसान
12 से 14 इंच बारिश के बाद हजारों दुकानों और औद्योगिक इकाइयों में जलभराव, CAIT ने सरकार से तत्काल सर्वे और राहत पैकेज की मांग की
शहर में 12 से 14 इंच हुई भारी बारिश और व्यापक जलभराव के कारण रिटेल व्यापार तथा टेक्सटाइल उद्योग को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर स्थित हजारों दुकानों एवं औद्योगिक इकाइयों में पानी भर जाने से करोड़ों रुपये के माल, मशीनरी और अन्य संसाधनों को नुकसान पहुंचा है। इस स्थिति को देखते हुए कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेड (CAIT) के गुजरात चैप्टर के अध्यक्ष प्रमोद भगत ने राज्य सरकार से तत्काल नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित व्यापारियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
प्रमोद भगत ने गुजरात के उपमुख्यमंत्री एवं उद्योग मंत्री हर्ष संघवी तथा सूरत जिला कलेक्टर तेजस परमार को भेजे गए अनुरोध में कहा है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित व्यापारियों की वास्तविक क्षति का शीघ्र आकलन कराया जाए और उसके आधार पर राहत पैकेज घोषित किया जाए। साथ ही उन्होंने बीमा कंपनियों से भी तत्काल सर्वे शुरू कर दावों का शीघ्र निस्तारण करने की अपील की है, ताकि व्यापारियों को जल्द राहत मिल सके।
CAIT के अनुसार, विभिन्न व्यापारिक संगठनों और व्यापारियों से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के आधार पर एक हजार से अधिक व्यापारी प्रभावित हुए हैं। कई बाजारों के बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर में पानी भरने से लाखों रुपये का तैयार माल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, मोबाइल, एक्सेसरीज़, फर्नीचर तथा अन्य मूल्यवान वस्तुएं खराब हो गईं। जलभराव के कारण अनेक व्यापारियों को अपना कारोबार भी अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में वराछा रोड का इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट, रिंग रोड स्थित रघुकुल मार्केट से बॉम्बे मार्केट तक का इलाका प्रमुख रहा। यहां बेसमेंट में स्थित दुकानों में पानी घुसने से इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल कारोबारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
टेक्सटाइल उद्योग भी इस आपदा से अछूता नहीं रहा। भाठेना, अंजना फार्म, उधना उद्योगनगर, लिंबायत के गोविंदनगर इंडस्ट्रियल एरिया सहित कई औद्योगिक क्षेत्रों में वीविंग, जरी धागा, लेस निर्माण, एम्ब्रॉयडरी और पावरलूम इकाइयों में पानी भरने से कच्चा माल, तैयार माल तथा महंगी मशीनरी क्षतिग्रस्त हो गई। जरी, पावरलूम और एम्ब्रॉयडरी मशीनों में पानी भरने से उत्पादन गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।
इसके अलावा डिंडोली, गोडादरा, अडाजन-पाल रोड, बेगमवाड़ी, सलाबतपुरा, झाम्पा बाजार, वेद दरवाजा और कटारगाम दरवाजा क्षेत्रों में भी रिटेल दुकानों और औद्योगिक इकाइयों को भारी नुकसान की सूचना मिली है।
प्रमोद भगत ने कहा कि छोटे व्यापारियों के लिए इस प्रकार की प्राकृतिक आपदा से उबरना बेहद कठिन है। कई व्यापारियों का पूरा स्टॉक नष्ट हो गया है, जबकि मशीनरी और फर्नीचर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। ऐसे में सरकार को तत्काल आधिकारिक सर्वे शुरू कर वास्तविक आर्थिक नुकसान का आकलन करना चाहिए तथा छोटे व्यापारियों और सूक्ष्म उद्योगों के लिए विशेष वित्तीय सहायता और राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए।
CAIT का मानना है कि यदि समय रहते राहत और पुनर्वास के प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो सूरत के व्यापार और उद्योग पर इस आपदा का असर लंबे समय तक बना रह सकता है। संगठन ने प्रशासन से शीघ्र निर्णय लेकर प्रभावित व्यापारियों को कारोबार दोबारा शुरू करने में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
