सूरत में फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, नकली BAMS बोर्ड लगाकर चला रहा था क्लिनिक

अमरोली पुलिस की कार्रवाई में एलोपैथिक दवाइयों और मेडिकल उपकरणों का बड़ा जखीरा जब्त, बिना डिग्री मरीजों का कर रहा था इलाज

सूरत में फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, नकली BAMS बोर्ड लगाकर चला रहा था क्लिनिक

सूरत। अमरोली पुलिस ने गैरकानूनी रूप से चिकित्सा व्यवसाय कर लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले एक फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तरवाड़ी क्षेत्र स्थित एक क्लिनिक पर छापा मारकर आरोपी को बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री और पंजीकरण के एलोपैथिक उपचार करते हुए पकड़ा। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयां और चिकित्सा उपकरण भी जब्त किए गए।

पुलिस को सूचना मिली थी कि छपराभाठा रोड स्थित छन्नू कॉलोनी में एक व्यक्ति बिना अधिकृत योग्यता के क्लिनिक संचालित कर रहा है। सूचना के आधार पर अमरोली पुलिस की सर्विलांस टीम ने जिला पंचायत स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक और फार्मासिस्ट के साथ मिलकर दुकान नंबर-178 स्थित ‘ऋषभ क्लिनिक’ पर छापा मारा।

मौके पर एक व्यक्ति मरीजों की जांच कर दवाइयां देता मिला, लेकिन वह मेडिकल प्रैक्टिस के लिए आवश्यक शैक्षणिक प्रमाणपत्र अथवा गुजरात मेडिकल काउंसिल का पंजीकरण प्रस्तुत नहीं कर सका।

पुलिस जांच में आरोपी की पहचान धर्मेंद्र कुमार राकेश प्रताप सिंह (49) निवासी छपराभाठा, सूरत तथा मूल निवासी प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई। पूछताछ में सामने आया कि वह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित एक नर्सिंग होम में करीब दस वर्षों तक कंपाउंडर के रूप में कार्य कर चुका था।

वहीं से प्राप्त अनुभव के आधार पर उसने सूरत में क्लिनिक शुरू कर दिया। लोगों को भ्रमित करने के लिए उसने क्लिनिक के बाहर ‘डॉ. डी.के. सिंह (BAMS)’ का बोर्ड भी लगा रखा था, जबकि उसके पास ऐसी कोई वैध डिग्री नहीं थी।

छापे के दौरान पुलिस ने लगभग 30,733 रुपये मूल्य की एलोपैथिक दवाइयां, एंटीबायोटिक इंजेक्शन, आईवी फ्लूड, इन्फ्यूजन सेट, स्कैल्प वेन सेट, कफ सिरप, ब्लड प्रेशर मॉनिटर, नॉन-कॉन्टैक्ट थर्मामीटर सहित कई चिकित्सा उपकरण जब्त किए।

जांच में गर्भपात के लिए प्रयुक्त होने वाली एमटीपी किट भी बरामद हुई, जिसे पुलिस ने गंभीर पहलू मानते हुए जब्त कर लिया।

अमरोली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बिना वैध योग्यता के चिकित्सा व्यवसाय करने तथा लोगों के जीवन और स्वास्थ्य को खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी कब से क्लिनिक संचालित कर रहा था और अब तक कितने लोगों का उपचार कर चुका है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि दवाइयों और चिकित्सा सामग्री की खरीद किस माध्यम से की जाती थी।

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