सूरत : जीएसटी के 9 वर्ष पूरे होने पर चैंबर का विशेष आयोजन, कर सुधारों और आर्थिक बदलावों पर हुई विस्तृत चर्चा

गुजरात देश में जीएसटी संग्रह में दूसरे स्थान पर; वर्ष 2025-26 में राज्य से ₹28,000 करोड़ और अकेले सूरत से ₹6,500 करोड़ का योगदान

सूरत : जीएसटी के 9 वर्ष पूरे होने पर चैंबर का विशेष आयोजन, कर सुधारों और आर्थिक बदलावों पर हुई विस्तृत चर्चा

सूरत। वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होने के नौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) ने बुधवार को सरसाना स्थित उषाकांत मारफतिया हॉल में ‘GST के 9 साल – आर्थिक बदलाव के एक दशक का जश्न’ विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में जीएसटी व्यवस्था के नौ वर्षों की उपलब्धियों, कर प्रणाली में हुए सुधारों तथा भविष्य के टैक्स रिफॉर्म्स पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम में सूरत एसजीएसटी (अपील) आयुक्त श्री विश्वनाथन, संयुक्त आयुक्त एस.एस. राठौड़, उप आयुक्त अशोक करंगिया, सहायक आयुक्त मौलिक झाला, चैंबर के मानद मंत्री परेश लाठिया, जीएसटी समिति के पदाधिकारी, विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी तथा टैक्स प्रैक्टिशनर्स बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

चैंबर के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने स्वागत भाषण में कहा कि जीएसटी भारतीय कर प्रणाली के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण सुधार है। पिछले नौ वर्षों में इस व्यवस्था ने टैक्स प्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाया है। इससे व्यापार करने में आसानी बढ़ी है, अनुपालन प्रक्रिया सरल हुई है तथा देश में एकीकृत राष्ट्रीय बाजार की अवधारणा को मजबूती मिली है।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में गुजरात ने लगभग ₹28,000 करोड़ का जीएसटी संग्रह किया, जिससे राज्य देश में दूसरे स्थान पर है। वहीं, सूरत शहर अकेले प्रतिवर्ष लगभग ₹6,500 करोड़ का जीएसटी योगदान देता है, जो शहर की औद्योगिक और व्यापारिक क्षमता को दर्शाता है।

इस अवसर पर एसजीएसटी के सहायक आयुक्त विवेक गजेरा ने कहा कि जीएसटी को 1 जुलाई 2017 से Ease of Doing Business और आर्थिक विकास के उद्देश्य से लागू किया गया था।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में देश में लगभग 65 लाख पंजीकृत करदाता थे, जबकि वर्तमान में उनकी संख्या बढ़कर 1.65 करोड़ से अधिक हो चुकी है। यह वृद्धि व्यापारिक समुदाय और करदाताओं के विश्वास तथा सहयोग का परिणाम है।

उन्होंने आगे बताया कि सितंबर 2025 से लागू किए गए न्यू जेनरेशन टैक्स रिफॉर्म्स का उद्देश्य कर प्रणाली को और अधिक सरल बनाना, कानून की जटिलताओं को कम करना तथा अनावश्यक प्रक्रियाओं को समाप्त करना है।

इन सुधारों के तहत डिजिटल फाइलिंग और तेज़ प्रोसेसिंग पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही, मध्यम वर्ग को दैनिक उपयोग की वस्तुओं, खाद्य सामग्री, स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा प्रीमियम पर कर राहत देने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत सूरत हार्डवेयर एंड बिल्डिंग मटेरियल मर्चेंट एसोसिएशन के चेयरमैन रमेश भूटानी के प्रारंभिक संबोधन से हुई। चैंबर के ग्रुप चेयरमैन रोहन देसाई ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि जीएसटी समिति के चेयरमैन सीए राजेश भाऊवाला ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। अंत में चैंबर के मानद कोषाध्यक्ष अतुल पटेल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

Tags: Surat SGCCI