सूरत : ‘नमो स्वच्छता अभियान’ के तहत नवी सिविल अस्पताल में सात दिवसीय सफाई अभियान शुरू
75 से अधिक सफाई कर्मियों ने संभाली मोर्चा, अस्पताल परिसर की व्यापक सफाई के साथ संक्रमण नियंत्रण और बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का दिया गया प्रशिक्षण
सूरत। राज्य सरकार की पहल पर सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 1 से 7 जुलाई तक आयोजित किए जा रहे ‘नमो स्वच्छता अभियान’ के तहत बुधवार को सूरत की नवी सिविल अस्पताल में व्यापक सफाई अभियान की शुरुआत की गई।
अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. पारुल वडगामा के मार्गदर्शन में 75 से अधिक सफाई कर्मचारियों ने पूरे अस्पताल परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए अभियान में भाग लिया।
राज्यव्यापी अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पनशेरिया ने गांधीनगर सिविल अस्पताल परिसर में स्वयं सफाई कर किया। इसी क्रम में सूरत की नवी सिविल अस्पताल में भी बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान किडनी बिल्डिंग, स्टेम सेल बिल्डिंग, पार्किंग क्षेत्र, इलेक्ट्रिकल विभाग, विभिन्न वार्ड, पैसज और अन्य विभागों की गहन सफाई की गई। साथ ही मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से बचने के लिए सीवर लाइनों की भी विशेष सफाई कराई गई।
संक्रमण नियंत्रण पर विशेष प्रशिक्षण
सफाई अभियान के साथ-साथ कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया गया। अस्पताल की इन्फेक्शन कंट्रोल (ICN) टीम ने सफाई कर्मचारियों को हाथों की स्वच्छता, सही तरीके से हाथ धोने की प्रक्रिया तथा बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी। प्रशिक्षण में अस्पतालों में संक्रमण की रोकथाम और कचरे के सुरक्षित निस्तारण के महत्व पर भी विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।
इस अवसर पर आरएमओ डॉ. केतन नायक, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट, सेनेटरी इंस्पेक्टर तथा सफाई सुपरवाइजरों ने अभियान का नेतृत्व किया। अस्पताल प्रशासन ने सफाई कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि मरीजों की सेवा के साथ स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सात दिनों तक चलेगा विशेष अभियान
अस्पताल प्रशासन के अनुसार "स्वच्छ मन, स्वच्छ तन, स्वच्छ मेरा स्वास्थ्य भवन" के संदेश के साथ यह अभियान सात दिनों तक जारी रहेगा। इस दौरान केवल सफाई ही नहीं, बल्कि अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में टूटी टाइल्स, दरवाजे, खिड़कियां, बिजली फिटिंग, पंखे तथा शौचालयों में लीकेज जैसी छोटी-बड़ी मरम्मत भी युद्धस्तर पर की जाएगी।
अभियान में नर्सिंग स्टाफ, रेजिडेंट डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है, ताकि अस्पताल परिसर को स्वच्छ, सुरक्षित और संक्रमण-मुक्त बनाया जा सके।
