सूरत : बैंक ऑफ बड़ौदा और मिजुहो बैंक के बीच रणनीतिक साझेदारी, एमएंडए फाइनेंसिंग और कॉर्पोरेट बैंकिंग को मिलेगा नया बल

विलय एवं अधिग्रहण, सिंडिकेटेड लोन, सीमा-पार फाइनेंसिंग और कॉर्पोरेट बैंकिंग समाधानों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति

सूरत : बैंक ऑफ बड़ौदा और मिजुहो बैंक के बीच रणनीतिक साझेदारी, एमएंडए फाइनेंसिंग और कॉर्पोरेट बैंकिंग को मिलेगा नया बल

सूरत। भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा और जापान के प्रमुख वैश्विक वित्तीय संस्थान मिजुहो बैंक लिमिटेड ने विलय एवं अधिग्रहण (M&A) फाइनेंसिंग, सिंडिकेटेड लोन, सीमा-पार वित्तीय समाधान तथा कॉर्पोरेट एवं निवेश बैंकिंग सेवाओं में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है।

यह साझेदारी मिजुहो बैंक के वैश्विक नेटवर्क, सीमा-पार वित्तीय विशेषज्ञता और अधिग्रहण फाइनेंसिंग अनुभव को बैंक ऑफ बड़ौदा की मजबूत घरेलू उपस्थिति, व्यापक कॉर्पोरेट ग्राहक आधार और भारतीय बाजार की गहरी समझ के साथ जोड़ने का प्रयास है।

दोनों बैंक निम्नलिखित क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे—

अधिग्रहण फाइनेंसिंग के लिए संयुक्त रूप से सौदों की शुरुआत, संरचना (स्ट्रक्चरिंग), सह-अंडरराइटिंग और सिंडिकेशन।
चयनित लेनदेन में विलय एवं अधिग्रहण (M&A) सलाहकार सेवाएं।
उप-भागीदारी (Sub-participation) एवं द्वितीयक जोखिम वितरण के लिए पसंदीदा साझेदारी तंत्र का विकास।
विदेशी मुद्रा, ब्याज दर जोखिम प्रबंधन, एस्क्रो सेवाओं तथा अन्य वैश्विक बैंकिंग उत्पादों में सहयोग।
अधिग्रहण फाइनेंसिंग, अंडरराइटिंग, स्ट्रक्चरिंग एवं इंटर-क्रेडिटर व्यवस्थाओं से जुड़ी सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान कर क्षमता निर्माण।
भारत में बढ़ते कॉर्पोरेट निवेश को मिलेगा समर्थन

बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यपालक निदेशक ललित त्यागी ने कहा कि भारत ऊर्जा परिवर्तन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण तेज आर्थिक प्रगति कर रहा है। ऐसे माहौल में कंपनियां विलय, अधिग्रहण और रणनीतिक निवेश के माध्यम से विस्तार कर रही हैं, जिससे उन्नत वित्तीय और सलाहकार सेवाओं की मांग बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि मिजुहो बैंक के साथ यह साझेदारी बैंक ऑफ बड़ौदा की घरेलू विशेषज्ञता और मिजुहो की वैश्विक क्षमताओं को एक मंच पर लाकर घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्राहकों को बेहतर अधिग्रहण फाइनेंसिंग, सिंडिकेटेड ऋण, संरचित वित्त और रणनीतिक सलाह उपलब्ध कराने में मदद करेगी।

भारत मिजुहो की दीर्घकालिक रणनीति का प्रमुख केंद्र

मिजुहो बैंक के सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर एवं इंडिया को-कंट्री हेड पीयूष अग्रवाल ने कहा कि भारत मिजुहो बैंक की वैश्विक विकास रणनीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने कहा कि मिजुहो को भारत में तीन दशक से अधिक का अनुभव है और भारतीय कॉर्पोरेट एवं वित्तीय क्षेत्र की गहरी समझ है।

उन्होंने कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ यह साझेदारी विश्वास और साझा विकास की सोच पर आधारित है। यह समझौता सीमा-पार संरचना (क्रॉस-बॉर्डर स्ट्रक्चरिंग), सिंडिकेशन तथा अधिग्रहण फाइनेंसिंग के क्षेत्र में दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करेगा।

दोनों बैंकों का मानना है कि यह रणनीतिक सहयोग भारतीय कंपनियों की घरेलू और वैश्विक विस्तार योजनाओं को गति देने के साथ-साथ भारत के विकसित होते कॉर्पोरेट एवं निवेश पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूती प्रदान करेगा।