सूरत : एस.डी. जैन मॉडर्न स्कूल में विज्ञान और कला प्रदर्शनी का भव्य आयोजन, 1000 से अधिक मॉडल बने आकर्षण का केंद्र

'सस्टेनेबिलिटी, फूड सिक्योरिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' थी मुख्य थीम, 2800 से अधिक विद्यार्थियों ने किया प्रतिभा का प्रदर्शन

सूरत : एस.डी. जैन मॉडर्न स्कूल में विज्ञान और कला प्रदर्शनी का भव्य आयोजन, 1000 से अधिक मॉडल बने आकर्षण का केंद्र

सूरत। शहर के अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों में शामिल एस.डी. जैन मॉडर्न स्कूल में संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय देवराजजी जैन की स्मृति में 30 जून और 1 जुलाई 2026 को दो दिवसीय विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया।

प्रदर्शनी में विज्ञान, गणित, भाषा, सामाजिक विज्ञान, वाणिज्य, मनोविज्ञान, उद्यमिता तथा चित्रकला सहित विभिन्न विषयों पर विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए नवाचारपूर्ण प्रोजेक्ट्स और कार्यशील मॉडल प्रदर्शित किए गए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनुराग दुबे (आईआरएस), अतिरिक्त आयकर आयुक्त थे। उन्होंने स्कूल के प्रशासक कैलाशजी जैन, आनंदजी जैन, अशोकजी जैन तथा प्राचार्य चेतन दालवाला की उपस्थिति में प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर स्कूल प्रशासन ने विद्यार्थियों को नवाचार, अनुसंधान और रचनात्मक सोच को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इस वर्ष प्रदर्शनी की मुख्य थीम 'सस्टेनेबिलिटी, फूड सिक्योरिटी, जेंडर इक्वालिटी, टेक्नोलॉजी और शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' रही। प्रदर्शनी में 1000 से अधिक कार्यशील मॉडल प्रस्तुत किए गए, जिनमें आधुनिक तकनीक और सामाजिक चुनौतियों के समाधान पर विशेष फोकस देखने को मिला।

विज्ञान विभाग में सस्टेनेबल डेवलपमेंट, डिजास्टर मैनेजमेंट, सोलर एग्रीकल्चर, फेस रिकग्निशन अटेंडेंस सिस्टम, ऑटोमैटिक इरिगेशन सिस्टम और स्मार्ट डस्टबिन जैसे मॉडल प्रदर्शित किए गए।

गणित विभाग में न्यूमरोलॉजी, ट्रांसमिशन लाइन फॉल्ट, मैथ्स मिस्ट्री बॉक्स तथा लॉगरिदम एवं एक्सपोनेंशियल फॉर्मूला मशीन जैसे मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे।

अंग्रेजी विभाग ने फूड सिक्योरिटी, हाइड्रोपोनिक्स, वर्टिकल फार्मिंग और कृषि नवाचारों पर आधारित प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए, जबकि हिंदी विभाग ने प्राकृतिक आपदा प्रबंधन, सतत भूमि प्रबंधन, वर्ष 2050 की खाद्य सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से हिंदी शिक्षण तथा रासायनिक एवं घरेलू उर्वरकों की उपयोगिता जैसे विषयों पर मॉडल प्रदर्शित किए।

संस्कृत विभाग ने सौरमंडल, गंगा अवतरण और खगोलीय अवधारणाओं पर आधारित प्रस्तुति दी।सामाजिक विज्ञान विभाग में महिला सशक्तिकरण, जैविक खेती, भूमि संरक्षण तथा वैश्विक भूख की समस्या के समाधान से जुड़े प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए गए।

इसके अलावा अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज़, उद्यमिता, अर्थशास्त्र और मनोविज्ञान विभागों ने भी वित्तीय प्रबंधन, क्लाउड फ्रॉड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षा, सामुदायिक विकास, मनोवैज्ञानिक परीक्षण तथा स्कूल रेजिलिएंस जैसे विषयों पर अभिनव मॉडल प्रस्तुत किए।

प्रदर्शनी में डिजिटल इंडिया, रोबोटिक्स, बेस्ट फ्रॉम वेस्ट, प्रदूषण नियंत्रण, प्राकृतिक आपदाएं, गणितीय मॉडल, दिव्यांगजन सहायता उपकरण, रिमोट सेंसर और आर.ओ. प्लांट जैसे विषयों पर भी आकर्षक प्रदर्शन किया गया।

दो दिवसीय प्रदर्शनी में 2800 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ अपने प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी, जिसकी अतिथियों, अभिभावकों और आगंतुकों ने सराहना की। कार्यक्रम को सफल बनाने में अभिभावकों ने भी सक्रिय सहयोग दिया और विद्यार्थियों व शिक्षकों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक एवं रचनात्मक आयोजनों की अपेक्षा व्यक्त की।

विद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए "इंडियाज़ बेस्ट स्कूल 2025" सम्मान प्राप्त होने पर भी गर्व व्यक्त किया गया।

कार्यक्रम के समापन पर स्कूल प्रशासन और प्राचार्य चेतन दालवाला ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर नवाचार और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

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