सूरत : उपभोक्ता न्यायालय की समस्याओं को लेकर बार काउंसिल ऑफ गुजरात ने राज्य मंत्री निमुबेन बंभानिया को सौंपा ज्ञापन
स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति, अतिरिक्त फोरम, राज्य आयोग की बेंच और नए न्यायालय भवन की मांग; मंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का दिया आश्वासन
सूरत। बार काउंसिल ऑफ गुजरात के सदस्यों ने सूरत जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (कंज्यूमर फोरम) में व्याप्त विभिन्न प्रशासनिक एवं आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य मंत्री निमुबेन बांभनिया को एक विस्तृत लिखित प्रतिनिधित्व सौंपा है।
नई दिल्ली में 13 जून 2026 को आयोजित कार्यक्रम के दौरान बार काउंसिल ऑफ गुजरात की सदस्य एडवोकेट प्रीति जिग्नेश जोशी, एडवोकेट अनिरुद्ध सिंह झाला, एडवोकेट हरेशभाई नाकरानी, एडवोकेट हीरल पानवाला तथा एडवोकेट भरतभाई भगत ने उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की राज्य मंत्री निमुबेन बांभनिया को व्यक्तिगत रूप से यह ज्ञापन प्रस्तुत किया।
ज्ञापन में सूरत जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में लंबित मामलों, अपर्याप्त आधारभूत सुविधाओं और न्यायिक प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की गईं।
अधिवक्ताओं ने बताया कि आवेदन दाखिल करने से लेकर समन जारी होने, सुनवाई की लंबी तारीखें मिलने तथा अंतिम आदेशों की प्रतियां प्राप्त करने तक उपभोक्ताओं और विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि आयोग में आने वाले उपभोक्ताओं और अधिवक्ताओं के लिए बैठने तथा पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा, चार फोरम स्वीकृत होने के बावजूद वर्तमान में केवल दो फोरम ही कार्यरत हैं, जिसके कारण मामलों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब हो रहा है। कर्मचारियों, स्टेनोग्राफरों तथा पूर्णकालिक अध्यक्ष एवं सदस्यों की कमी भी न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है।
बार काउंसिल के सदस्यों ने मंत्री के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें सूरत उपभोक्ता आयोग के लिए स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति, पर्याप्त स्टाफ एवं स्टेनोग्राफरों की भर्ती, सूरत में राज्य उपभोक्ता आयोग की बेंच की स्थापना, मगदल्ला क्षेत्र में नए न्यायालय भवन के लिए भूमि आवंटन तथा उपभोक्ता फोरम को पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराने जैसी मांगें प्रमुख थीं।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से उपभोक्ताओं को शीघ्र एवं प्रभावी न्याय मिल सकेगा तथा न्यायिक व्यवस्था अधिक सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद राज्य मंत्री निमुबेन बंभानिया ने सभी मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संबंधित मांगों पर गंभीरता से विचार करने और उचित समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
