सूरत : 'अब भारत की बारी है, वह बनेगा वैश्विक विकास का मुख्य इंजन'- आर्सेलरमित्तल के कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मी मित्तल

इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरीकरण और एनर्जी ट्रांजिशन के दम पर भारत में स्टील की मांग को मिलेगी नई रफ्तार

सूरत : 'अब भारत की बारी है, वह बनेगा वैश्विक विकास का मुख्य इंजन'- आर्सेलरमित्तल के कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मी मित्तल

सूरत। आर्सेलरमित्तल अपनी स्थापना की 20वीं वर्षगांठ के करीब पहुंच रहा है। इस अवसर पर कंपनी के कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मी मित्तल ने ऐतिहासिक विलय के 20 वर्ष पूरे होने पर एक विशेष वीडियो संदेश जारी करते हुए भारत को वैश्विक विकास और स्टील मांग के अगले चरण का प्रमुख चालक बताया। यह संदेश 15 और 16 जून को न्यूयॉर्क में आयोजित ग्लोबल स्टील डायनेमिक्स फोरम 2026 के दौरान प्रस्तुत किया गया।

अपने संबोधन में लक्ष्मी मित्तल ने वर्ष 2006 में मित्तल स्टील और आर्सेलर के ऐतिहासिक विलय को याद करते हुए कहा कि इस फैसले ने एक अधिक मजबूत, विविधीकृत और लचीली वैश्विक कंपनी के निर्माण की नींव रखी।

उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों के दौरान कंपनी ने वैश्विक वित्तीय संकट, कोविड-19 महामारी और चीन के स्टील उद्योग के अभूतपूर्व विस्तार जैसी बड़ी चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 की तुलना में आज का स्टील उद्योग पूरी तरह बदल चुका है। बाजार अधिक गतिशील हो गए हैं, प्रतिस्पर्धा वैश्विक स्तर पर बढ़ी है, तकनीकी परिवर्तन तेज हुए हैं और कंपनियों को रियल-टाइम में बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालना पड़ रहा है। उनके अनुसार, पारंपरिक उद्योग भी अब अधिक डेटा-संचालित, तकनीक-केंद्रित और पर्यावरणीय मानकों से प्रभावित हो चुके हैं।

भारत की संभावनाओं पर विशेष जोर देते हुए लक्ष्मी मित्तल ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में चीन वैश्विक विकास का प्रमुख केंद्र रहा, लेकिन अब भारत की बारी है। उन्होंने कहा कि देश में बड़े पैमाने पर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, तेजी से बढ़ता शहरीकरण, आवासीय परियोजनाओं का विस्तार और ऊर्जा परिवर्तन से जुड़े नए निवेश स्टील की मांग को अभूतपूर्व गति देंगे।

उन्होंने विश्वास जताया कि उभरते बाजारों में विकास, विकसित देशों में इन्फ्रास्ट्रक्चर के नवीनीकरण तथा ऊर्जा परिवर्तन परियोजनाओं के चलते स्टील उद्योग का दीर्घकालिक भविष्य मजबूत बना रहेगा। साथ ही उन्होंने प्रतिस्पर्धी और सशक्त स्टील उद्योग के लिए घरेलू औद्योगिक नीतियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

लक्ष्मी मित्तल ने कहा कि चुनौतियां और अप्रत्याशित परिस्थितियां भविष्य में भी आती रहेंगी, लेकिन स्टील उद्योग की संभावनाओं को लेकर वे पूरी तरह आशावादी हैं। उन्होंने कहा कि स्टील क्षेत्र में पांच दशक बिताने के बाद भी उन्हें यह उद्योग अवसरों और संभावनाओं से भरपूर दिखाई देता है।

आर्सेलरमित्तल का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत तेजी से वैश्विक विनिर्माण और इन्फ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में उभर रहा है और स्टील क्षेत्र को देश की आर्थिक वृद्धि का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।