सूरत : वेसू में श्रीराम कथा के दूसरे दिन राम जन्मोत्सव और सीता-राम विवाह प्रसंग ने बांधा समां
संत अलका जी ने रामायण के आदर्शों का किया भावपूर्ण वर्णन, विवाह उत्सव में भक्ति गीतों पर झूमे श्रद्धालु
वेसू स्थित कैपिटल ग्रीन सोसायटी बैंक्वेट हॉल में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव के दूसरे दिन भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अनुपम संगम देखने को मिला। कथा का शुभारंभ मुख्य यजमान वासुदेव गिलड़ा एवं आशीष अग्रवाल द्वारा विधिविधान से श्रीगणेश पूजन, कलश स्थापना एवं नवग्रह पूजन के साथ किया गया।
द्वितीय दिवस की कथा में पूज्या संत अलका जी ने भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव तथा सीता-राम विवाह के पावन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रभु स्मरण और भक्ति आवश्यक है। रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आदर्श मार्गदर्शक है, जो धर्म, कर्तव्य और संस्कारों का संदेश देता है।
संत अलका जी ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन मर्यादा, त्याग, सत्य और आदर्शों का प्रतीक है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। कथा के दौरान उनके श्रीमुख से प्रवाहित रामकथा ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
कथा के विशेष आकर्षण के रूप में सीता-राम विवाह उत्सव का आयोजन किया गया। विवाह प्रसंग के दौरान भजनों और मंगल गीतों की मधुर प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नृत्य कर अपनी आस्था और श्रद्धा व्यक्त की। पूरे कथा स्थल पर जय श्रीराम के उद्घोष गूंजते रहे।
इस अवसर पर गजानंद राठी, सत्यनारायण दरगड़, रामकिशोर जाजू, सत्येन सोमानी, विनीत काबरा, मानिक राठी, प्रदीप काबरा एवं मदनमोहन पेडीवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा स्थल पूरे समय भक्तिमय वातावरण और धार्मिक उल्लास से ओत-प्रोत रहा।
