सूरत : 45 फीट ऊंचे ताड़ के पेड़ पर फंसे राष्ट्रीय पक्षी मोर का सफल रेस्क्यू
ओलपाड के भांडुत गांव में तीन घंटे तक चला बचाव अभियान; वन विभाग, फायर ब्रिगेड और जीवदया संस्था के संयुक्त प्रयास से बची जान
सूरत। ओलपाड तालुका के भांडुत गांव में 45 फीट ऊंचे ताड़ के पेड़ पर फंसे राष्ट्रीय पक्षी मोर का वन विभाग, फायर ब्रिगेड और जीवदया संस्था की संयुक्त टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया।
लगभग तीन घंटे तक पेड़ पर फंसे रहने के बाद मोर को सुरक्षित नीचे उतारकर प्राथमिक उपचार दिया गया। चिकित्सकीय जांच में उसके शरीर पर कोई गंभीर चोट नहीं पाई गई और उसे प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने की तैयारी की गई है।
जानकारी के अनुसार, भांडुत गांव में एक मोर के पिछले पंख ताड़ के पेड़ में उलझ जाने से वह उड़ नहीं पा रहा था। काफी देर तक पेड़ पर लटके रहने से उसकी स्थिति कमजोर होती जा रही थी।
स्थानीय ग्रामीणों ने पहले अपने स्तर पर उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर ग्रीन गार्जियन चैरिटेबल ट्रस्ट की हेल्पलाइन को सूचना दी।
सूचना मिलते ही ट्रस्ट की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग तथा जहांगीरपुरा फायर स्टेशन को भी सूचित किया गया। इसके बाद तीनों एजेंसियों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान शुरू किया।
ताड़ के पेड़ की अधिक ऊंचाई और संरचना के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण रहा। सूरत नगर निगम की लगभग 35 फीट ऊंची हाइड्रोलिक सीढ़ी की सहायता से टीम ने सावधानीपूर्वक अभियान चलाया और बिना किसी चोट के मोर को सुरक्षित नीचे उतार लिया।
करीब तीन घंटे तक फंसे रहने के कारण मोर कमजोर होकर अचेत हो गया था। रेस्क्यू के बाद उसे उपचार और निगरानी के लिए बर्ड हॉस्पिटल भेजा गया, जहां वन विभाग के अधिकारियों और पशु चिकित्सकों ने उसकी जांच की। जांच में कोई गंभीर चोट नहीं मिलने पर चिकित्सकों ने उसे आराम देने के बाद उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने की सलाह दी।
इस सफल अभियान में स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता, ग्रीन गार्जियन चैरिटेबल ट्रस्ट की त्वरित प्रतिक्रिया, वन विभाग के मार्गदर्शन और जहांगीरपुरा फायर स्टेशन की सक्रिय भूमिका की सराहना की गई। ग्रामीणों ने राष्ट्रीय पक्षी के सुरक्षित रेस्क्यू के लिए सभी टीमों का आभार व्यक्त किया।
