महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्यमंत्री आशिष शेलार ने किया मराठी फिल्म ‘लाडू’ के पोस्टर का अनावरण
मुंबई (महाराष्ट्र), 27 जून: महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्यमंत्री श्री आशिष शेलार ने राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता एवं निर्देशक शैलेन्द्र सिंह की आगामी मराठी फिल्म ‘लाडू’ के आधिकारिक पोस्टर का मुंबई के प्रभादेवी स्थित प्रतिष्ठित पु. ल. देशपांडे अकादमी में भव्य अनावरण किया।
इस अवसर पर फिल्म की सह-निर्माता नीलम लोहार, मुख्य अभिनेता प्रदीप गोगटे तथा लेखक एवं सह-निर्देशक यज्ञेश दोंड भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मंत्री आशिष शेलार ने पूरी फिल्म टीम को आगामी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों के लिए शुभकामनाएं दीं।
‘लाडू’ सत्य घटनाओं से प्रेरित एक संवेदनशील मराठी फिल्म है, जिसका लेखन और निर्देशन शैलेन्द्र सिंह ने किया है। यह उनके निर्देशन में बनी पहली मराठी फिल्म है और भारतीय फिल्म उद्योग में उनके 25 वर्षों के लंबे अनुभव का एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है।
अपने करियर में शैलेन्द्र सिंह 72 फीचर फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं और उनकी फिल्मों को अब तक 12 राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। वर्ष 2009 में फिल्मफेयर ने उन्हें बॉलीवुड की 12 सबसे प्रभावशाली हस्तियों में भी शामिल किया था।
परसेप्ट पिक्चर्स का नेतृत्व करते हुए शैलेन्द्र सिंह ने कई चर्चित और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण फिल्मों का निर्माण किया। इनमें पेज 3, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कांचीवरम, भारत की पहली एनिमेशन फीचर फिल्म हनुमान, सामाजिक विषय पर आधारित फिर मिलेंगे, कॉर्पोरेट और दोर जैसी फिल्में शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने खुदा के लिये और रामचंद पाकिस्तानी जैसी पाकिस्तानी फिल्मों को भारत में प्रदर्शित कर नई पहल की थी।
इस अवसर पर शैलेन्द्र सिंह ने कहा, “मैंने अब तक 72 फिल्मों का निर्माण किया है, लेकिन ‘लाडू’ मेरे निर्देशन की पहली मराठी फिल्म है और यह हमेशा मेरे दिल के बेहद करीब रहेगी। प्रदीप गोगटे एक असाधारण कलाकार हैं, जिनकी खामोशी भी गहरी भावनाएं व्यक्त करती है। मंत्री आशिष शेलार का समर्थन और उनकी उपस्थिति हमारे लिए बेहद प्रेरणादायक है।”
फिल्म की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत बनाने में इसकी सह-निर्माता सोनिया नासरी कोल की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। अफगान-अमेरिकी फिल्म निर्माता, मानवाधिकार कार्यकर्ता और समाजसेविका सोनिया नासरी कोल के कार्यों को दो बार ऑस्कर पुरस्कारों के लिए विचार किया जा चुका है।
उनकी फिल्म द ब्लैक ट्यूलिप अफगानिस्तान की ओर से अकादमी पुरस्कारों के लिए आधिकारिक प्रविष्टि रह चुकी है, जबकि उनकी हालिया फिल्म आई एम यू को गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स के लिए अफगानिस्तान की आधिकारिक एंट्री के रूप में चुना गया था। विस्थापन, संघर्ष और मानवीय जिजीविषा पर आधारित उनकी फिल्मों को विश्वभर में सराहा गया है।
फिल्म ‘लाडू’ की कहानी मुंबई के एक साधारण सफाई कर्मचारी चंदू के जीवन के 45 दिनों पर आधारित है। चंदू रेलवे स्टेशन के पास सार्वजनिक शौचालयों की सफाई करता है और झुग्गी बस्ती में बेहद साधारण जीवन जीता है।
समाज की नजरों से लगभग अदृश्य इस व्यक्ति की जिंदगी में आने वाले भावनात्मक और सामाजिक संघर्षों को फिल्म बेहद संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत करती है। यह कहानी उस इंसान की है जो स्वयं उपेक्षित रहते हुए भी अपने आसपास की दुनिया को गहराई से देखता और महसूस करता है।
104 मिनट 38 सेकंड की इस फिल्म की शूटिंग मुंबई, ठाणे और कर्जत में की गई है। फिल्म के कई हिस्सों को ब्लैक एंड व्हाइट शैली में फिल्माया गया है, जिससे इसकी भावनात्मक गहराई और अधिक प्रभावशाली बनती है। वर्तमान में फिल्म को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भेजने की प्रक्रिया जारी है।
फिल्म का संगीत भी इसकी विशेषताओं में शामिल है। संगीतकार मंदार पाटील द्वारा तैयार किए गए नौ नए मराठी गीत फिल्म की कहानी का अभिन्न हिस्सा हैं। इन गीतों के बोल यज्ञेश दोंड ने लिखे हैं। निर्माता जल्द ही इन गीतों का आधिकारिक संगीत लॉन्च भी आयोजित करने वाले हैं।
मुख्य भूमिका में प्रदीप गोगटे ने चंदू का किरदार निभाया है। उनके साथ लिनिता भालेराव, सचिन नवरे, अवधूत चिंतन, वंदना गानू, सुधीर वेदपाठक, प्रवीण भिरंगी और विनायक कराळे महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।
उल्लेखनीय बात यह है कि इस फिल्म के माध्यम से 150 से अधिक कलाकार पहली बार बड़े पर्दे पर दिखाई देंगे, जिनमें लगभग 60 कलाकार मराठी रंगमंच से जुड़े हुए हैं।
‘लाडू’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि समाज के उन अनदेखे और अनसुने लोगों की कहानी है, जिनका संघर्ष अक्सर हमारी नजरों से ओझल रह जाता है। अपने सशक्त कथानक, अनुभवी टीम और संवेदनशील प्रस्तुति के साथ यह फिल्म राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में अग्रसर है।
