सूरत एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान की का हस्तलैंडिंग के दौरानलेजर लाइटक्षेप, कातारगाम क्षेत्र से आने का संदेह
दिल्ली से आई फ्लाइट 6E-6511 के पायलट ने ATC को दी सूचना; CISF, ATC और पुलिस ने शुरू की संयुक्त जांच, नागरिकों से लेजर डिवाइस का इस्तेमाल न करने की अपील
सूरत। सूरत एयरपोर्ट पर शनिवार देर रात दिल्ली से आने वाली इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या 6E-6511 की लैंडिंग के दौरान पायलट ने हरे रंग की लेजर लाइट दिखाई देने की सूचना दी।
घटना के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), एयरपोर्ट अथॉरिटी, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और अन्य संबंधित एजेंसियों ने तत्काल समन्वित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, 27 जून 2026 की रात लगभग 9:56 बजे, जब विमान सूरत एयरपोर्ट पर लैंडिंग की अंतिम प्रक्रिया (फाइनल एप्रोच) में था, तब पायलट ने रनवे थ्रेशोल्ड से लगभग 7 नॉटिकल माइल की दूरी पर तथा विस्तारित सेंटर लाइन से करीब 2 नॉटिकल माइल दाहिनी ओर हरे रंग की लेजर लाइट दिखाई देने की सूचना एयर ट्रैफिक कंट्रोल को दी।
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की हाई-पावर लेजर किरणें पायलट की दृष्टि को क्षणिक रूप से प्रभावित कर सकती हैं, जिससे लैंडिंग और टेकऑफ जैसे संवेदनशील चरणों के दौरान उड़ान सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसी कारण ऐसी घटनाओं को विमानन सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत गंभीर माना जाता है।
सूचना मिलते ही CISF, एयरपोर्ट अथॉरिटी, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) तथा अन्य संबंधित एजेंसियों ने तत्काल घटना का सत्यापन किया। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला कि लेजर लाइट का संभावित स्रोत **कातारगाम क्षेत्र** की ओर था।
इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तत्काल कातारगाम पुलिस को मामले की जानकारी देकर आवश्यक कानूनी एवं निवारक कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस संबंधित क्षेत्र में लेजर लाइट के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीआईएसएफ ने कहा है कि सूरत एयरपोर्ट पर यात्रियों, विमानों और विमानन परिसंपत्तियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। एयरपोर्ट पर तैनात सभी सुरक्षा एवं संचालन एजेंसियां किसी भी सुरक्षा संबंधी सूचना पर निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) के अनुरूप त्वरित कार्रवाई के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।
सीआईएसएफ ने आम नागरिकों से अपील की है कि एयरपोर्ट के आसपास किसी भी प्रकार की लेजर लाइट, हाई-पावर लेजर डिवाइस, ड्रोन या ऐसी अन्य गतिविधियों का उपयोग न करें, जो विमान संचालन में बाधा उत्पन्न कर सकती हों।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की गतिविधियां विमानन सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आती हैं।
