सूरत : कतर गैस प्लांट विस्फोट में जान गंवाने वाले डुमस के सनी पटेल को नम आंखों से अंतिम विदाई
इंडियन एम्बेसी की मदद से पार्थिव शरीर डुमस भीमपोर पहुंचा; हजारों लोगों की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार, पूरे गांव में शोक की लहर
सूरत। कतर के एक गैस प्लांट में हुए भीषण विस्फोट में जान गंवाने वाले सूरत के डुमस भीमपोर गांव के निवासी सनी पटेल का पार्थिव शरीर भारत लाए जाने के बाद शुक्रवार को उनके पैतृक गांव भीमपुर में अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम दर्शन और अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और शुभचिंतक शामिल हुए। पूरे गांव में शोक का माहौल रहा और लोगों ने नम आंखों से सनी पटेल को अंतिम विदाई दी।
जानकारी के अनुसार, सनी पटेल करीब सात माह पहले अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर नौकरी के लिए कतर गए थे। कतर स्थित एक गैस प्लांट में हुए विस्फोट के बाद उनके लापता होने की सूचना मिली थी। बाद में स्थानीय प्रशासन की तलाश के दौरान उनका पार्थिव शरीर बरामद हुआ।
सनी के भाई रवि पटेल ने अस्पताल पहुंचकर पार्थिव शरीर की पहचान की। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भारतीय दूतावास (इंडियन एम्बेसी) की सहायता से पार्थिव शरीर को भारत भेजा गया।
अहमदाबाद एयरपोर्ट से होते हुए शव को सूरत के डुम्मास क्षेत्र के निकट स्थित उनके पैतृक गांव डुमस भीमपोर लाया गया, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
परिजनों के अनुसार, परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को संभालने और बेहतर आजीविका की तलाश में सनी विदेश गए थे। महज सात महीने पहले बड़े सपनों के साथ कतर पहुंचे सनी की असामयिक मृत्यु ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
शुक्रवार, 27 जून को सनी पटेल का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास पर रखा गया। उनके सरल और मिलनसार स्वभाव के कारण गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
इसके बाद हजारों लोगों की उपस्थिति में उनका अंतिम संस्कार किया गया। शोकाकुल माहौल के बीच लोगों ने दिवंगत सनी पटेल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
