‘राख’ पर विवाद के बीच मुकेश ऋषि बोले-‘कहानी में बदलाव क्यों किया? ये सवाल नहीं उठाया जा सकता’

‘राख’ पर विवाद के बीच मुकेश ऋषि बोले-‘कहानी में बदलाव क्यों किया? ये सवाल नहीं उठाया जा सकता’

मुंबई, 26 जून (वेब वार्ता)। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई वेब सीरीज ‘राख’ को लेकर जहां एक तरफ जमकर तारीफ हो रही है, तो वहीं दूसरी तरफ इसके कंटेंट को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद भी देखने को मिल रहा है।

मामला इस बात को लेकर गरमा गया है कि क्या सीरीज में दिखाई गई कहानी असली घटनाओं से मेल खाती है या फिर उसमें तथ्यों को बदलकर पेश किया गया है। इसी मुद्दे पर अब दिग्गज अभिनेता मुकेश ऋषि ने खुलकर बात की है।

गौरतलब है कि वेब सीरीज ‘राख’ में अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे और अभिनेता अली फजल मुख्य भूमिकाओं में नजर आते हैं। इस सीरीज को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है।

एक तरफ जहां कई दर्शकों ने इसके अभिनय और प्रस्तुति की तारीफ की है, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि कहानी को एक अलग दिशा देने के लिए वास्तविक घटनाओं और पात्रों की जानकारी में बदलाव किया गया है।

इस विवाद के बीच जब मुकेश ऋषि ने कहा, “यह विषय पूरी तरह बहस का है। एक बार जब कोई फिल्म या वेब सीरीज बनकर दर्शकों तक पहुंच जाती है, तो उसके बाद यह दर्शकों पर निर्भर करता है कि वे उसे किस नजर से देखते हैं।

आज के समय में दर्शक बहुत जागरूक हो चुके हैं और उनके पास जानकारी तक पहुंचने के कई साधन हैं। ऐसे में अगर किसी को लगे कि किसी प्रोजेक्ट में दिखाया गया सच उनके पढ़े या जाने हुए तथ्यों से मेल नहीं खाता, तो वह तुरंत इसे समझ सकता है।”

मुकेश ऋषि ने कहा, ”आज के डिजिटल युग में यह एक बड़ी चुनौती बन गई है कि सच्ची घटनाओं पर आधारित कहानियों को किस हद तक और कैसे प्रस्तुत किया जाए। किसी भी निर्माता को अपनी कहानी कहने की आजादी होती है और उस स्वतंत्रता को पूरी तरह गलत नहीं ठहराया जा सकता। इस पर बहस हो सकती है, चर्चा हो सकती है लेकिन यह सवाल नहीं उठाया जा सकता कि किसी ने कहानी में बदलाव क्यों किया।”

दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर इस सीरीज को लेकर दर्शकों की राय बंटी हुई नजर आ रही है। कई लोगों का मानना है कि जब कोई फिल्म या वेब सीरीज वास्तविक घटनाओं पर आधारित होती है, तो उसे तथ्यों के काफी करीब रहना चाहिए।

कुछ यूजर्स ने लिखा है कि यदि कहानी में जरूरत से ज्यादा बदलाव किए जाते हैं, तो इससे असली घटनाओं की गंभीरता और सच्चाई प्रभावित होती है। वहीं, कुछ दर्शकों ने सेंसर बोर्ड और निर्माताओं की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए हैं और कहा है कि ऐसी कहानियों में नाम, घटना और पहचान में बदलाव सीमित होना चाहिए।

Latest Posts

सूरत : हाई कोर्ट की फटकार के बाद हरकत में आया नगर निगम, नासिरनगर के बेघर परिवारों के लिए भरी माता कम्युनिटी हॉल में अस्थायी आश्रय की व्यवस्था
सूरत : राकेश सैनी ने दांतों से 8 कारें 100 मीटर तक खींचकर बनाया रिकॉर्ड, वर्ल्ड ड्रग्स डे पर युवाओं को दिया नशामुक्ति का संदेश
अमरनाथ यात्रा में सूरत की सेवा परंपरा: 28 वर्षों से श्रद्धालुओं को मिल रहा शुद्ध गुजराती भोजन का प्रसाद
सूरत : “भाषा और वेशभूषा अलग हो सकती है, लेकिन भारतीय होने का भाव एक है” : महामहिम नंदकिशोर यादव
सूरत : ए-ज़ोन होमगार्ड्स एवं महिला यूनिट ने मनाया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, 249 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा