सूरत : दो दिन की मूसलाधार बारिश के बाद राहत, लेकिन खाड़ी बाढ़ का खतरा बरकरार; तीन खाड़ियाँ खतरे के स्तर से ऊपर

पलसाना में 18.19 इंच और कामरेज में 17.40 इंच बारिश, सीमाडा और भेदवाड़ खाड़ी ओवरफ्लो; कई इलाके अब भी जलमग्न

सूरत : दो दिन की मूसलाधार बारिश के बाद राहत, लेकिन खाड़ी बाढ़ का खतरा बरकरार; तीन खाड़ियाँ खतरे के स्तर से ऊपर

सूरत। दो दिनों तक लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद बुधवार सुबह से सूरत में वर्षा थम गई है, जिससे शहरवासियों को कुछ राहत मिली है। हालांकि, लगातार हुई भारी बारिश का पानी अब शहर की खाड़ियों में पहुंचने से बाढ़ का खतरा बना हुआ है। तीन प्रमुख खाड़ियाँ खतरे के स्तर को पार कर चुकी हैं, जिसके कारण कई निचले इलाके अब भी जलमग्न हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में गुजरात में सबसे अधिक वर्षा सूरत जिले में दर्ज की गई। पलसाना तालुका में 18.19 इंच, कामरेज में 17.40 इंच, नवसारी में 15.28 इंच तथा सूरत शहर में 14.09 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार हुई इस वर्षा से कई स्थानों पर बादल फटने जैसे हालात बन गए।

बारिश थमने के बाद शहर की सड़कों पर जलभराव धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन जिले में हुई भारी वर्षा का पानी खाड़ियों में तेजी से पहुंच रहा है, जिससे खाड़ी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

नगर प्रशासन के अनुसार, शहर की पाँच प्रमुख खाड़ियों में से तीन खाड़ियाँ खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं। सीमाडा खाड़ी का जलस्तर निर्धारित 4.50 मीटर के मुकाबले बढ़कर 5.50 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि भेदवाड़ खाड़ी भी लगभग एक मीटर ऊपर बह रही है।

भेदवाड़ खाड़ी के ओवरफ्लो होने से सूरत-नवसारी मुख्य मार्ग पर बीआरसी से सिद्धार्थ नगर तक का मार्ग पानी में डूब गया है। इसके अलावा भेदवाड़, पांडेसरा, लिंबायत, सरथाणा, पर्वत पाटिया और चिकुवाड़ी सहित कई इलाकों में अब भी जलभराव बना हुआ है।

जलभराव के कारण हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और कई क्षेत्रों में आवागमन तथा जनजीवन अभी भी बाधित है। प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर रखे हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। साथ ही नागरिकों से निचले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

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