सूरत : मेट्रो और सीटको को नगर निगम की सख्त चेतावनी , गैर-ज़रूरी बैरिकेड्स हटाएं
गैर-ज़रूरी बैरिकेड्स हटाने और टूटी सड़कों की तत्काल मरम्मत के निर्देश, एक सप्ताह बाद होगा कार्यों का समीक्षा दौरा
सूरत। मानसून के आगमन के साथ ही सूरत नगर निगम ने शहर में चल रहे मेट्रो और सीटको परियोजनाओं से जुड़ी अधूरी व्यवस्थाओं पर सख्त रुख अपनाया है।
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बारिश के दौरान नागरिकों को टूटी सड़कों, जलभराव, ट्रैफिक जाम या अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ा तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों की होगी।
बुधवार सुबह नगर निगम आयुक्त नागराजन, महापौर मायाबेन मावाणी और स्थायी समिति अध्यक्ष राजन पटेल की उपस्थिति में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर के सभी जोनों के अधिकारियों के साथ मेट्रो और सीटको के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक में पिछले वर्ष मानसून के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्पन्न हुई समस्याओं की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मेट्रो परियोजना के कार्यों के दौरान कई स्थानों पर सड़कें, जलापूर्ति लाइनें और ड्रेनेज नेटवर्क क्षतिग्रस्त हुए थे। पूर्व में मरम्मत के निर्देश दिए जाने के बावजूद कई स्थानों पर कार्य अभी तक अधूरा है।
नगर निगम के पदाधिकारियों ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित एजेंसियों से जवाब मांगा और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मेट्रो अधिकारियों ने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए डामर (अस्फाल्ट) का ऑर्डर दिया जा चुका है। हालांकि, नगर निगम प्रशासन केवल मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुआ।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे यह स्पष्ट करें कि कितना डामर खरीदा गया है, किस एजेंसी को कार्य सौंपा गया है तथा किन-किन क्षेत्रों में मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। बताया जाता है कि इन सवालों के जवाब देने में मेट्रो अधिकारियों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।
मानसून के दौरान ट्रैफिक समस्याओं को कम करने के उद्देश्य से बैठक में बैरिकेडिंग के मुद्दे पर विशेष चर्चा की गई। नगर निगम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल उन्हीं स्थानों पर बैरिकेड्स लगाए जाएं जहां वास्तव में निर्माण कार्य चल रहा हो और सुरक्षा की दृष्टि से उनकी आवश्यकता हो।
जहां कार्य बंद है या बैरिकेड्स की आवश्यकता नहीं है, वहां से उन्हें तत्काल हटाने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि इससे ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और नागरिकों को राहत मिलेगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि नगर निगम, मेट्रो और सीटको के अधिकारी संयुक्त रूप से शहर के चारों जोनों में चल रहे कार्यों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान सड़कों, ड्रेनेज नेटवर्क, जलापूर्ति लाइनों और बैरिकेडिंग की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा तथा विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगले एक सप्ताह में किए गए सुधारात्मक कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए ‘पहले और बाद’ की स्थिति का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा।
एक सप्ताह बाद नगर निगम आयुक्त, महापौर और स्थायी समिति अध्यक्ष संयुक्त रूप से विभिन्न स्थलों का दौरा करेंगे और यह जांचेंगे कि दिए गए निर्देशों का पालन हुआ है या नहीं। यदि किसी एजेंसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम ने संकेत दिए हैं कि मानसून के दौरान नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा सभी संबंधित एजेंसियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करना होगा।
