सूरत : गुजरात की नई औद्योगिक नीति का एसजीसीसीआई ने किया स्वागत, उद्योग और निवेश को मिलेगा नया बल

चैंबर अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी का जताया आभार

सूरत : गुजरात की नई औद्योगिक नीति का एसजीसीसीआई ने किया स्वागत, उद्योग और निवेश को मिलेगा नया बल

सूरत। गुजरात सरकार द्वारा घोषित नई औद्योगिक नीति का दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) ने स्वागत किया है। चैंबर के अध्यक्ष भुपेन्द्र पटेल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी द्वारा घोषित उद्योगोन्मुख सुधारों को उद्योग जगत के लिए दूरदर्शी और परिवर्तनकारी बताया है।

एसजीसीसीआई के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा कि नई नीति व्यापार, उद्योग, आधारभूत संरचना और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा देने वाली है। उन्होंने कहा कि दक्षिण गुजरात के उद्योग जगत की ओर से मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी का विशेष आभार व्यक्त किया जाता है, जिन्होंने राज्य को वैश्विक निवेश और औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कराने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

उन्होंने कहा कि तालुकाओं के वर्गीकरण को तीन श्रेणियों से घटाकर दो श्रेणियों—‘A’ (विकासशील) और ‘B’ (विकसित)—में सीमित करना प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा तथा पिछड़े और विकासशील क्षेत्रों में संतुलित औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देगा।

साथ ही, एमएसएमई की परिभाषा को केंद्र सरकार की संशोधित परिभाषा के अनुरूप करने से राज्य के छोटे और मध्यम उद्यमों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में सहायता मिलेगी।

अशोक जीरावाला ने कहा कि नीति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें एमएसएमई से लेकर बड़े, मेगा और अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स तक सभी के लिए पूंजी, ब्याज और बिजली सब्सिडी की व्यवस्था की गई है। माइक्रो उद्योगों को पात्र पूंजी सब्सिडी एक वर्ष के भीतर प्रदान करने का प्रावधान छोटे उद्यमियों की कार्यशील पूंजी संबंधी समस्याओं को कम करने में सहायक होगा।

उन्होंने ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर और ई-मोबिलिटी जैसे भविष्य उन्मुख क्षेत्रों को नीति में प्राथमिकता दिए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे गुजरात को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार होगा।

स्टार्टअप्स और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नीति में किए गए प्रावधानों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स को मासिक सहायता, महिला उद्यमियों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन तथा सीड फंडिंग की व्यवस्था युवाओं को उद्यमिता की ओर आकर्षित करेगी। वहीं, औद्योगिक पार्कों और अनुसंधान एवं विकास (R&D) गतिविधियों के लिए दी जाने वाली सब्सिडी राज्य में विश्वस्तरीय औद्योगिक ढांचे के निर्माण में मददगार साबित होगी।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को भी नीति में विशेष महत्व दिया गया है। अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण, ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) संयंत्रों और स्वच्छ उत्पादन तकनीकों को प्रोत्साहन देने के लिए आकर्षक सब्सिडी की घोषणा यह दर्शाती है कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

चैंबर अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि नई औद्योगिक नीति से गुजरात में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और राज्य के औद्योगिक विकास का एक नया अध्याय शुरू होगा।

नीति की प्रमुख विशेषताएं
तालुकाओं का वर्गीकरण अब केवल दो श्रेणियों—‘A’ (विकासशील) और ‘B’ (विकसित)—में किया जाएगा।
एमएसएमई की परिभाषा केंद्र सरकार की संशोधित परिभाषा के अनुरूप होगी।
सभी श्रेणी के उद्योगों को पूंजी, ब्याज और बिजली सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
माइक्रो यूनिट्स को पात्र पूंजी सब्सिडी एक वर्ष के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी।
ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर और ई-मोबिलिटी को प्राथमिकता वाले क्षेत्र घोषित किया गया है।
स्टार्टअप्स को मासिक सहायता तथा सीड फंडिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी।
औद्योगिक पार्क और R&D परियोजनाओं के लिए विशेष वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी।
अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण, ZLD संयंत्र और स्वच्छ उत्पादन तकनीकों को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष सब्सिडी दी जाएगी।
पर्यावरणीय बुनियादी सुविधाओं के लिए रियायती बिजली दर का प्रावधान किया गया है।