पेट्रोल-डीजल की छुट्टी! केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाइड्रोजन को बताया भारत का नया ‘सुपर फ्यूल’

नई दिल्ली, 08 जुलाई (वेब वार्ता)। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाइड्रोजन को भविष्य का ‘सुपर फ्यूल’ करार दिया है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि हाइड्रोजन कार का सफर मर्सिडीज जैसी लक्जरी कारों से भी अधिक आरामदायक है।

सरकार अब पारंपरिक पेट्रोल-डीजल से हटकर पर्यावरण के अनुकूल स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है, जिसका उद्देश्य न केवल प्रदूषण को कम करना है, बल्कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना भी है।

ट्रकों और बसों के लिए नई पहल

सरकार का मुख्य फोकस अब कमर्शियल वाहनों जैसे ट्रकों और बसों पर है। हाल ही में टाटा मोटर्स के दो हाइड्रोजन ट्रकों का अनावरण किया गया है, जो फ्यूल सेल और हाइड्रोजन इंजन तकनीक पर आधारित हैं।

नागपुर में सार्वजनिक बसों को हाइड्रोजन से चलाने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, वहीं दिल्ली में लैंडफिल से निकलने वाले कचरे से हाइड्रोजन तैयार कर सरकारी बसों को संचालित करने की एक अनूठी योजना पर काम हो रहा है।

आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ

गडकरी ने कहा कि भारत हर साल तेल आयात पर 22 लाख करोड़ रुपये खर्च करता है, जो देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा बोझ है। हाइड्रोजन, इथेनॉल और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाकर भारत न केवल भारी विदेशी मुद्रा बचाएगा, बल्कि प्रदूषण मुक्त भविष्य की नींव भी रखेगा।

उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस क्रांतिकारी तकनीक को अपनाएं ताकि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती और हमारे पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।

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