सूरत : मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेहाल, बुधवार को भी सभी स्कूल कॉलेज रहेंगे बंद

शहर में जलभराव, सड़कें बनीं दरिया, ST बस सेवा रोकी गई, NDRF-SDRF टीमें अलर्ट पर

सूरत : मूसलाधार बारिश से जनजीवन बेहाल, बुधवार को भी सभी स्कूल कॉलेज रहेंगे बंद

सूरत, 7 जुलाई। दक्षिण गुजरात में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सूरत शहर और जिले में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग की अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी के बीच मंगलवार को सूरत जिले के कई क्षेत्रों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई।

सबसे अधिक कामरेज में 16 इंच, पलसाना में 14 इंच और सूरत शहर में 12 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण शहर के अनेक निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए कई जगह ट्रैक्टर और नावों की मदद लेनी पड़ी।

भारी बारिश के चलते सूरत में अलग-अलग हादसों में चार लोगों की मौत हो गई। शहर में करंट लगने से एक बालिका की जान चली गई, जबकि बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई। वहीं, वराछा क्षेत्र में तेज बारिश के दौरान एक विशाल पेड़ गिरने से बाइक सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बारिश की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने 8 जुलाई को सूरत शहर और जिले के सभी सरकारी तथा निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।

इसके अलावा, शहर की अधिकांश सड़कों पर जलभराव होने के कारण सूरत से संचालित सभी राज्य परिवहन (ST) बस सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पानी उतरने और हालात सामान्य होने के बाद ही बस सेवाएं दोबारा शुरू की जाएंगी।

राज्य स्तर पर भी वर्षा का व्यापक असर देखने को मिला है। सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे के बीच गुजरात के 181 तालुकाओं में बारिश दर्ज की गई। इस मानसून सीजन में राज्य में अब तक औसतन 20.44 प्रतिशत वर्षा हो चुकी है। पिछले तीन-चार दिनों से दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र में हो रही लगातार बारिश के कारण 4 राष्ट्रीय राजमार्ग, 4 राज्य राजमार्ग तथा कुल 347 सड़कें प्रभावित होकर बंद हैं।

जलाशयों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। राज्य के 11 बांध हाई अलर्ट पर हैं। संभावित आपदा से निपटने के लिए विभिन्न जिलों में 12 NDRF तथा 27 SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। वहीं, समुद्र में ऊंची लहरों और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने 11 जुलाई तक मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी जारी की है।

प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की है।

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