सूरत : सुमुल डेयरी चुनाव में सियासी घमासान, कांग्रेस द्वारा उम्मीदवारों को सुरक्षित स्थान पर भेजने की घोषणा

डॉ. तुषार चौधरी का दावा—प्रमुख प्रस्तावक तीन दिन से लापता, निष्पक्ष चुनाव पर उठाए सवाल, भाजपा पर दबाव बनाने का आरोप

सूरत : सुमुल डेयरी चुनाव में सियासी घमासान, कांग्रेस द्वारा उम्मीदवारों को सुरक्षित स्थान पर भेजने की घोषणा

सूरत। सूरत-तापी डिस्ट्रिक्ट मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड (सुमुल डेयरी) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।

नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए भाजपा पर दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधायक डॉ. तुषार चौधरी ने दावा किया कि पार्टी समर्थित उम्मीदवार के मुख्य प्रस्तावक पिछले तीन दिनों से लापता हैं और आशंका जताई कि उन्हें चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से अगवा किया गया है।

डॉ. चौधरी ने कहा कि उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस ने अपने सभी 11 उम्मीदवारों को तत्काल सुरक्षित और गोपनीय स्थान पर भेजने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो उम्मीदवारों को राज्य से बाहर अथवा विदेश भी भेजा जा सकता है, ताकि उन पर किसी प्रकार का दबाव न बनाया जा सके।

करीब 12 हजार करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार वाली सुमुल डेयरी के चुनाव को दक्षिण गुजरात की सबसे महत्वपूर्ण सहकारी संस्थाओं में से एक माना जाता है। इस चुनाव में कुल 16 सीटों के लिए प्रक्रिया चल रही है।

कांग्रेस का आरोप है कि इनमें से पांच सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन दबाव और भय का माहौल बनाकर कराया गया, जबकि भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

डॉ. तुषार चौधरी ने आरोप लगाया कि उमरपाड़ा क्षेत्र से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के मुख्य प्रस्तावक रविंद्रभाई गुमानभाई वसावा पिछले तीन दिनों से लापता हैं।

उन्होंने कहा कि उनके परिजनों को भी उनकी कोई जानकारी नहीं है और उनका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है। कांग्रेस ने आशंका व्यक्त की है कि यह घटना चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की साजिश का हिस्सा हो सकती है।

हालांकि, इस कथित अपहरण के आरोप की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित जांच एजेंसियों की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक बयान जारी किया गया है।

कांग्रेस का कहना है कि नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद भी उम्मीदवारों पर नाम वापस लेने अथवा अन्य प्रकार का दबाव बनाया जा सकता है।

इसी आशंका के चलते सभी 11 उम्मीदवारों को सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा। जब पत्रकारों ने उनसे इस स्थान के बारे में पूछा तो डॉ. चौधरी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जानकारी देने से इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेगी तथा सहकारी संस्था के चुनाव में किसी भी प्रकार के कथित दबाव या हस्तक्षेप का विरोध करेगी।

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