सूरत : दूसरे दिन भी मूसलाधार बारिश का कहर, कई सड़कें बनीं नदी; नगर निगम की प्री-मानसून तैयारियों पर उठे सवाल
सूरत-नवसारी रोड, कटारगाम-वेड रोड और पर्वतगाम समेत कई इलाकों में जलभराव; शिक्षकों को दी गई छुट्टी, कर्मचारी पानी निकालने में जुटे
सूरत। सूरत में लगातार दूसरे दिन हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। सूरत-नवसारी रोड, कटारगाम-वेड रोड, उधना और पर्वतगाम समेत कई प्रमुख इलाकों में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जबकि कई स्थानों पर सड़कें नदी जैसी दिखाई दीं।
भारी जलभराव के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लगातार दूसरे दिन हुई बारिश के बाद नगर निगम की प्री-मानसून तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पर्वतगाम क्षेत्र में पुल के नीचे जाने वाले मार्ग पर घुटनों तक पानी भर जाने से प्रशासन को एहतियात के तौर पर सड़क बंद करनी पड़ी। पानी के तेज बहाव के कारण कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। क्षेत्र के समीप स्थित एक विद्यालय परिसर भी बारिश के पानी से भर गया।
इसी तरह सूरत-नवसारी रोड, कटारगाम-वेड रोड और उधना की मुख्य सड़कों पर भी भारी जलभराव के चलते यातायात प्रभावित रहा। कटारगाम जोन के कई रिहायशी इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। निचले क्षेत्रों में जलभराव के कारण व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित रहीं और कई दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही कम रही।
बारिश से बने हालात के बीच नगर निगम के कर्मचारी घुटनों तक पानी में उतरकर जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटे रहे। विभिन्न इलाकों में कर्मचारियों ने स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज के ढक्कन खोलकर, कचरा हटाकर और पानी की निकासी सुनिश्चित करने का प्रयास किया। लगातार बारिश के बावजूद राहत कार्य जारी रहे।
बारिश की गंभीर स्थिति को देखते हुए सूरत नगर निगम के शिक्षा विभाग ने नगर निगम संचालित स्कूलों के शिक्षकों को भी राहत दी। इससे पहले विद्यार्थियों की छुट्टी घोषित की जा चुकी थी, जबकि शिक्षकों को स्कूल में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे।
हालांकि, शहर में लगातार बढ़ते जलभराव और आवागमन में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने नया आदेश जारी कर सुबह की पाली में पहुंचे शिक्षकों को अपनी सुविधा अनुसार घर लौटने की अनुमति दी, जबकि दोपहर की पाली के शिक्षकों को स्कूल नहीं आने के निर्देश दिए गए।
लगातार दूसरे दिन हुई भारी बारिश ने शहर की यातायात व्यवस्था, जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियों को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब लोगों की निगाहें नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था और आगामी दिनों के राहत कार्यों पर टिकी हैं।
