सूरत में चार इंच बारिश से धंसी नई सड़क, 3 करोड़ की परियोजना पर उठे सवाल
मोटा वराछा के हेवन रिवरफ्रंट रोड पर, कार और मरम्मत के लिए पहुंचा ट्रक फंसा, नगर निगम ने मार्ग बंद कर शुरू कराया युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य
सूरत। मानसून की पहली तेज बारिश ने सूरत नगर निगम के प्री-मानसून कार्यों और हाल ही में बनी सड़कों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शहर में 12 घंटों के दौरान हुई चार इंच से अधिक बारिश के बाद मोटा वराछा स्थित हेवन रिवरफ्रंट रोड पर करीब तीन महीने पहले बनी 400 मीटर लंबी सड़क कई स्थानों पर धंस गई। सड़क निर्माण पर लगभग तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
बारिश के कारण शहर के अनेक हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी, जबकि तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। हालांकि सबसे गंभीर घटना मोटा वराछा क्षेत्र में हुई, जहां सड़क धंसने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।
चलती कार सड़क धंसने से फंसी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हेवन रिवरफ्रंट रोड से गुजर रही एक कार अचानक सड़क धंसने के कारण गड्ढे में फंस गई। चालक ने समय रहते वाहन रोक दिया, जिससे कार सवार सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वाहन तेज गति में होता या वहां दोपहिया वाहन गुजर रहा होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
400 मीटर सड़क पर कई स्थानों पर बने गड्ढे
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने देखा कि सड़क केवल एक स्थान पर नहीं, बल्कि लगभग 400 मीटर के हिस्से में कई जगह धंस चुकी है। सड़क पर चार से पांच बड़े गड्ढे बन गए। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि सड़क के नीचे की मिट्टी बह जाने के कारण डामर की परत खोखली हो गई थी, जिससे सड़क बैठ गई।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले यहां ड्रेनेज लाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत गुणवत्ता के अनुरूप नहीं की गई, जिसके कारण पहली ही तेज बारिश में सड़क धंस गई।
मरम्मत के लिए पहुंचा ट्रक भी धंसा
घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सड़क की मरम्मत के लिए निर्माण सामग्री से भरा ट्रक भेजा गया। लेकिन मरम्मत कार्य शुरू होने से पहले ही ट्रक भी सड़क धंसने के कारण गड्ढे में फंस गया। इस घटना का वीडियो स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद यह मामला शहरभर में चर्चा का विषय बन गया।
सड़क बंद, JCB और क्रेन से शुरू हुआ मरम्मत कार्य
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम ने पूरे प्रभावित मार्ग पर तत्काल बैरिकेडिंग कर यातायात बंद कर दिया। वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया गया है। मौके पर जोनल अधिकारी, वरिष्ठ इंजीनियर, पुलिस बल तथा नगर निगम की टीमें तैनात की गईं।
फंसे हुए वाहनों को निकालने और सड़क की मरम्मत के लिए क्रेन एवं जेसीबी मशीनों की सहायता से युद्धस्तर पर कार्य शुरू कर दिया गया है।
प्री-मानसून तैयारियों पर उठे सवाल
घटना के बाद नगर निगम की प्री-मानसून तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मानसून की शुरुआती बारिश में ही नई सड़क धंस जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। लोगों ने सड़क निर्माण और ड्रेनेज कार्य की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
