सूरत : मानसून से पहले ही धंसी नई सड़क, नगर निगम सख्त; 50 से अधिक एजेंसियों और ठेकेदारों को नोटिस

डिंडोली में 15 दिन पहले बनी करोड़ों रुपये की सड़क धंसने के बाद कार्रवाई तेज, बारिश के दौरान सड़क धंसने पर ठेकेदार होंगे पूरी तरह जिम्मेदार

सूरत : मानसून से पहले ही धंसी नई सड़क, नगर निगम सख्त; 50 से अधिक एजेंसियों और ठेकेदारों को नोटिस

सूरत।मानसून की औपचारिक शुरुआत से पहले ही सूरत शहर में नई सड़कों के धंसने की घटनाओं ने नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

डिंडोली क्षेत्र में मानसी रेजीडेंसी के सामने तथा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के समीप महज 15 दिन पहले करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई सड़क अचानक धंस गई। घटना के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आ गया।

मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम के ड्रेनेज विभाग ने शहरभर में ड्रेनेज और ट्रेंच लाइन से जुड़े कार्य करने वाली 50 से अधिक एजेंसियों और ठेकेदारों को नोटिस जारी किए हैं।

विभाग का कहना है कि सड़कों की खुदाई के बाद संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी किए गए ‘वाटरिंग सर्टिफिकेट’ के आधार पर ही सड़क पुनर्स्थापन (री-स्टेटमेंट) का कार्य किया जाता है, बावजूद इसके इस प्रकार की घटनाएं सामने आना चिंता का विषय है।

ड्रेनेज विभाग के कार्यपालक अभियंता द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मानसून के दौरान बारिश के कारण कहीं भी खुदाई वाली सड़कें या ट्रेंच लाइनें धंसती हैं तो उसकी पूरी आर्थिक और कानूनी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी और ठेकेदार की होगी।

सभी एजेंसियों को अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से लगातार साइट निरीक्षण करने तथा जहां भी सड़क धंसने जैसी स्थिति उत्पन्न हुई है, वहां तत्काल मरम्मत कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर निगम ने चेतावनी दी है कि यदि निर्देशों के पालन में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो टेंडर की शर्तों के अनुसार संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि सूरत में हर वर्ष प्री-मानसून तैयारियों और सड़क मरम्मत कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद नई सड़कों के धंसने की घटनाएं सामने आने से निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर निगम का यह सख्त रुख भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में कितना प्रभावी साबित होता है।

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