सूरत : सिविल अस्पताल के पोस्टमॉर्टम विभाग में व्यापक सुधार, स्वास्थ्य मंत्री के निरीक्षण के बाद बढ़ीं सुविधाएं

प्रफुल्ल पानशेरिया के सरप्राइज दौरे के बाद प्रशासन सक्रिय, मॉर्चरी, सुरक्षा और परिजनों की सुविधाओं को किया गया सुदृढ़

सूरत : सिविल अस्पताल के पोस्टमॉर्टम विभाग में व्यापक सुधार, स्वास्थ्य मंत्री के निरीक्षण के बाद बढ़ीं सुविधाएं

सूरत। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया  के हालिया औचक निरीक्षण के बाद सूरत सिविल अस्पताल के पोस्टमॉर्टम विभाग में व्यापक सुधार किए गए हैं।

मंत्री के निर्देशों पर अस्पताल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभाग को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया है, जिससे मृतकों के परिजनों को होने वाली परेशानियों में कमी आए और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो।

प्रशासन द्वारा पोस्टमॉर्टम कक्ष का नवीनीकरण कर उसे अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाया गया है। विभाग में मौजूद सभी 10 मॉर्चरी केबिनों को पूरी तरह कार्यशील कर दिया गया है, जिससे शवों को सुरक्षित रखने की क्षमता बढ़ी है। साथ ही परिसर में एयर कंडीशनिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे स्वच्छता और रखरखाव बेहतर हो सके।

स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए पोस्टमॉर्टम विभाग में आधुनिक कीट नियंत्रण मशीनें स्थापित की गई हैं, जो मच्छरों, कीड़ों और अन्य संक्रमण फैलाने वाले तत्वों को नियंत्रित करने में सहायक होंगी। इसके अलावा मृतकों के परिजनों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल सुविधा तथा प्रतीक्षा क्षेत्र को भी बेहतर बनाया गया है।

सुरक्षा और व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे परिसर में अतिरिक्त स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। साथ ही सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की भी तैनाती की है।

ट्रैफिक और पार्किंग प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से परिसर में खड़ी गैर-जरूरी एम्बुलेंसों को हटाकर पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाया गया है। आम नागरिकों को पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके, इसके लिए मार्गदर्शक सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जब तक अत्याधुनिक और पूर्ण सुविधाओं से युक्त नया पोस्टमॉर्टम भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक पीआईयू विभाग और मेडिकल सुपरिटेंडेंट द्वारा मौजूदा सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के अनुरूप फॉरेंसिक विभाग को पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने तथा शवों को बिना अनावश्यक विलंब के परिजनों को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इन सुधारात्मक कदमों से पोस्टमॉर्टम विभाग की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और सेवा गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे मृतकों के परिजनों को राहत मिल रही है।

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