क्यूब हाईवेज की इस महीने 5,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की योजना
नई दिल्ली, 05 जुलाई (वेब वार्ता)। राजमार्ग अवसंरचना निवेश ट्रस्ट (इनविट) क्यूब हाईवेज ट्रस्ट इस महीने 5,000 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी में है। यह पूरा निर्गम बिक्री पेशकश (ओएफएस) के रूप में होगा। यानी इस निर्गम के जरिये कंपनी नई पूंजी नहीं जुटाएगी, बल्कि मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट का उद्देश्य सूचीबद्ध होने के बाद अपने निवेशक आधार का विस्तार करना और यूनिट में कारोबार बढ़ाना है। दस्तावेजों के मसौदे के अनुसार, प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह बिक्री पेशकश पर आधारित है।
31 मार्च, 2026 तक क्यूब हाईवेज ट्रस्ट के पास देश के 12 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में फैली 27 परिचालन वाली राजमार्ग परिसंपत्तियां थीं, जिनकी कुल लंबाई 8,754 लेन किलोमीटर है। इन परियोजनाओं की औसत शेष रियायती अवधि 18 वर्ष है।
वित्त वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय सी. सेकर ने कहा कि ट्रस्ट की रणनीति अनुशासित अधिग्रहण, नियमित वितरण, वित्तीय अनुशासन और परिचालन दक्षता पर केंद्रित रहेगी।
ट्रस्ट के पोर्टफोलियो का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा टोल सड़क परियोजनाओं का है, जिन्हें यातायात वृद्धि और महंगाई से जुड़ी टोल दरों में संशोधन का लाभ मिलता है। वहीं, शेष 15 प्रतिशत परिसंपत्तियां एन्यूटी आधारित परियोजनाएं हैं, जिनसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की अनुबंधित भुगतान व्यवस्था के तहत स्थिर आय प्राप्त होती है।
क्यूब हाईवेज ट्रस्ट ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति यूनिट 13.77 रुपये के वितरण की घोषणा की है। इससे पूरे वित्त वर्ष के दौरान यूनिटधारकों को कुल 1,851 करोड़ रुपये का वितरण किया गया।
मार्च, 2026 के अंत तक ट्रस्ट का शुद्ध कर्ज 17,768 करोड़ रुपये था, जबकि ऋण से उपक्रम मूल्य अनुपात 46.82 प्रतिशत रहा। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान नौ अधिग्रहण पूरे होने से ट्रस्ट की प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां (एयूएम) बढ़कर 36,842 करोड़ रुपये पर पहुंच गईं।
इसके अलावा ट्रस्ट ने लगभग 7,300 करोड़ रुपये के संयुक्त उपक्रम मूल्य वाली चार नई राजमार्ग परियोजनाओं के लिए प्रतिबद्धता पत्र भी हासिल किए हैं।
इनके शामिल होने के बाद ट्रस्ट का पोर्टफोलियो बढ़कर 13 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 31 परिसंपत्तियों का हो जाएगा। साथ ही, ट्रस्ट को अपने प्रायोजकों की तीन अतिरिक्त परिसंपत्तियों पर ‘राइट ऑफ फर्स्ट ऑफर’ भी मिला है, जिससे भविष्य में विस्तार की संभावनाएं और मजबूत होंगी।
