भारतीय फूड-टेक स्टार्टअप Easy Cater पारदर्शिता के साथ देशभर में हाइपरलोकल फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगा

भारतीय फूड-टेक स्टार्टअप Easy Cater पारदर्शिता के साथ देशभर में हाइपरलोकल फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगा

वडोदरा (गुजरात) [भारत], 1 जुलाई: वर्ष 2025 में भारत का फूड डिलीवरी बाजार 46 अरब अमेरिकी डॉलर के मूल्यांकन तक पहुंच चुका है और अब यह महानगरों से आगे तेजी से विस्तार कर रहा है।

ऐसे समय में Easy Cater पारदर्शी और रेस्टोरेंट-फर्स्ट मॉडल के साथ देशभर में चरणबद्ध विस्तार की शुरुआत कर रहा है, जहां हर शहर को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

भारतीय फूड-टेक स्टार्टअप Easy Cater ने अपने हाइपरलोकल फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के चरणबद्ध राष्ट्रीय लॉन्च की आधिकारिक घोषणा की है। कंपनी ने वडोदरा को अपना पहला लाइटहाउस मार्केट चुना है।

17 जून, 2026 से परिचालन शुरू करने के बाद शुरुआती कुछ ही सप्ताह में प्लेटफॉर्म को ग्राहकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और 33,500 से अधिक डाउनलोड दर्ज किए गए हैं।

इस शुरुआती सफलता के बाद कंपनी ने अहमदाबाद, सूरत, जयपुर, इंदौर और नागपुर में भी रेस्टोरेंट पार्टनर्स को जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य भारत के तेजी से विकसित हो रहे टियर-1 और टियर-2 शहरों में अपनी मजबूत उपस्थिति स्थापित करना है।

Easy Cater का उद्देश्य भारत के फूड डिलीवरी इकोसिस्टम में मौजूद उन आर्थिक असंतुलनों को दूर करना है, जहां एक ओर रेस्टोरेंट ऊंचे कमीशन के कारण घटती लाभप्रदता से जूझते हैं, वहीं दूसरी ओर ग्राहकों को छिपे हुए और अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना पड़ता है।

इसी के विकल्प के रूप में कंपनी ने कम कमीशन और पूरी तरह पारदर्शी बिजनेस मॉडल पेश किया है, जिससे रेस्टोरेंट पार्टनर्स पारंपरिक फूड डिलीवरी एग्रीगेटर्स की तुलना में बेहतर मुनाफा कमा सकें।

कंपनी का फेयर-प्राइसिंग मॉडल अतिरिक्त प्लेटफॉर्म कमीशन को कम करता है, जिससे रेस्टोरेंट उचित ऑनलाइन कीमतें बनाए रख सकें और इसका सीधा लाभ ग्राहकों तक पहुंचे।

जहां बड़े फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म अब तक मुख्य रूप से टियर-1 महानगरों पर केंद्रित रहे हैं, वहीं उभरते शहर और क्षेत्रीय बाजार भारत के फूड डिलीवरी सेक्टर के अगले विकास चरण का नेतृत्व कर रहे हैं।

उद्योग के अनुमानों के अनुसार, ऐसे बाजार वर्तमान में देश के कुल फूड डिलीवरी ऑर्डर्स का लगभग 48 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं और 2034 तक यह बाजार 270 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

Easy Cater की हाइपरलोकल रणनीति का केंद्र ऐसे फीचर्स हैं, जो हर शहर की स्थानीय खानपान संस्कृति को सामने लाते हैं।
    Local Legends: ऐसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक रेस्टोरेंट्स के लिए समर्पित सेक्शन, जिन्होंने वर्षों से शहर की खानपान विरासत को जीवित रखा है।
    Street Food: स्थानीय स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने वाला विशेष सेक्शन, जिससे ग्राहकों को उनके पसंदीदा स्ट्रीट फूड तक आसान पहुंच मिलती है।
    Value Picks: ₹25 से ₹150 तक के बजट-अनुकूल भोजन और फूड विकल्प, ताकि रोजमर्रा का भोजन अधिक किफायती बन सके।
    Women Owned: महिला स्वामित्व वाले रेस्टोरेंट्स और स्ट्रीट फूड व्यवसायों को प्रोत्साहित करने की विशेष पहल।
    Flavor 52: हर सप्ताह एक नई और खास डिश या क्षेत्रीय स्वाद को प्रस्तुत करने वाला डिस्कवरी फीचर, जो ग्राहकों को नए स्वादों से परिचित कराता है।

कंपनी के पहले बाजार में अब तक 1,000 से अधिक रेस्टोरेंट पार्टनर्स जुड़ चुके हैं। यह प्लेटफॉर्म स्थानीय फूड ब्रांड्स को स्वदेशी डिजिटल इकोसिस्टम से जोड़ता है।

इसके अलावा ऐप में सांस्कृतिक रूप से प्रेरित Homegrown Interface और Diamond Loyalty Programme भी शामिल है, जिसके तहत ग्राहकों को खर्च किए गए प्रत्येक एक रुपये पर एक लॉयल्टी पॉइंट मिलता है।

Easy Cater के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर निमिष कड़किया ने कहा,
"हमारा उद्देश्य केवल एक और फूड डिलीवरी ऐप बनाना नहीं था, बल्कि एक पारदर्शी फूड कॉमर्स इकोसिस्टम तैयार करना था। आधुनिक तकनीक और मजबूत मर्चेंट टूल्स की मदद से हम छिपे हुए शुल्क को समाप्त कर रहे हैं और अपने रेस्टोरेंट पार्टनर्स की लाभप्रदता बढ़ा रहे हैं।

फेयर-प्राइसिंग मॉडल से लेकर Flavor 52 तक, Easy Cater का हर फीचर इस सोच को दर्शाता है कि विश्वस्तरीय तकनीक स्थानीय समुदायों और स्थानीय व्यवसायों को मजबूत बना सकती है।"

पूरे देश में एक साथ लॉन्च करने के बजाय Easy Cater शहर-दर-शहर विस्तार की रणनीति अपना रहा है। कंपनी प्रत्येक शहर में मजबूत हाइपरलोकल उपस्थिति स्थापित करने के बाद ही अगले बाजार में प्रवेश करेगी।

यह प्लेटफॉर्म आधुनिक उपभोक्ताओं की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया गया है और Apple App Store तथा Google Play Store पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है.