पाकिस्तान: सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला, हिन्दू धर्म स्थल तोड़ने वाले अरोपियों को ही करानी होगी स्थल की मरम्मत

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प्रधान न्यायाधीश गुलजार अहमद की अध्यक्षता वाली दो न्यायाधीशों की पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि समाधि के विस्तार के लिए और भूमि आवंटित की जाए

पाकिस्तान में हिन्दुओं पर अत्याचार की खबर कोई नई नहीं है। आयर दिन अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की ख़बरें सामने आती रहती है। पाकिस्तान में हिन्दुओं को प्रताड़ित करने के साथ साथ उन्हें पवित्र धर्म स्थल को तोड़ा-फोड़ा जाता है। ऐसे ही एक मामले में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनते हुए हिंदू संत परमहंसजी महाराज की समाधि में तोड़फोड़ करने के आरोपियों पर 1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। वहां की अदालत ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार को जुर्माना लगाकर एक महीने के भीतर स्थल की मरम्मत करने का आदेश दिया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी चिंता के साथ फैसला सुनाया है।
जानकारी के अनुसार प्रधान न्यायाधीश गुलजार अहमद की अध्यक्षता वाली दो न्यायाधीशों की पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि समाधि के विस्तार के लिए और भूमि आवंटित की जाए। पीठ ने कहा कि अतिरिक्त जमीन के लिए स्थानीय लोगों से संपर्क किया जा सकता है। अगर वे जमीन बेचने को तैयार हैं, तो प्रांतीय सरकार इसे खरीदकर  समाधी का विस्तार करेगी। 
पाकिस्तानी इतिहास को देखें तो सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला इसलिए भी ऐतिहासिक बनता है क्योंकि ऐसा फैसला अल्पसंख्यकों के पक्ष में पहली बार हुआ है। इस फैसले को कई पीढ़ियां याद रखेंगी। इससे पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय का न्यायपालिका में विश्वास बढ़ा है। खैबर पख्तूनख्वा सरकार पहले भी अदालती आदेशों का पालन करने में लापरवाही बरतती रही है।
वहीं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी अपने देश के चल रहे अल्पसंख्यक हिन्दुओं के प्रताड़ना पर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि कोमिला में दुर्गा पूजा स्थलों और हिंदू मंदिरों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कोमिला में हुए हमले की जांच की जाएगी और एक भी अपराधी को रिहा नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में ऐसा कुछ नहीं होना चाहिए जिससे हमारा देश प्रभावित हो और हम हिंदुओं को मुश्किलों का सामना करना पड़े। अगर भारत में कुछ होता है तो हम वहां के हिंदुओं को प्रभावित करते हैं। उन्होंने यह बात राजधानी ढाका के ढाकेश्वरी मंदिर में दुर्गा पूजा के अवसर पर हिंदुओं का अभिवादन करते हुए कही। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री पूजा महोत्सव में शामिल हुए।

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