सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: गुजरात निकाय चुनाव में उम्मीदवारों को जीवनसाथी की संपत्ति का भी देना होगा पूरा ब्योरा

पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर, कहा— मतदाताओं को उम्मीदवार की वास्तविक वित्तीय स्थिति जानने का है अधिकार

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: गुजरात निकाय चुनाव में उम्मीदवारों को जीवनसाथी की संपत्ति का भी देना होगा पूरा ब्योरा

 चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि गुजरात के नगर निकाय (म्युनिसिपल) चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों को नामांकन पत्र के साथ दाखिल किए जाने वाले शपथपत्र में अपनी चल एवं अचल संपत्ति के साथ-साथ अपने पति या पत्नी की संपत्ति का भी पूरा विवरण देना होगा।

यह फैसला गुजरात की याचिकाकर्ता चंद्रिकाबेन किशोर दफड़ा की अपील पर सुनवाई के दौरान सुनाया गया। वर्ष 2015 के गुजरात नगर निकाय चुनाव में उम्मीदवार रहीं चंद्रिकाबेन पर आरोप था कि उन्होंने अपने पति के नाम पर दर्ज अचल संपत्तियों का उल्लेख अपने शपथपत्र में नहीं किया था। इस मामले में उनके विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई शुरू होने के बाद उन्होंने पहले गुजरात हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाताओं को उम्मीदवार की वास्तविक वित्तीय स्थिति की जानकारी होना उनका अधिकार है। अदालत ने कहा कि केवल उम्मीदवार की व्यक्तिगत संपत्ति का खुलासा पर्याप्त नहीं है, क्योंकि कई मामलों में संपत्तियां पति, पत्नी अथवा आश्रितों के नाम पर दर्ज कर वास्तविक संपत्ति को छिपाने का प्रयास किया जाता है।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि कोई संपत्ति केवल जीवनसाथी के नाम पर भी दर्ज है, तब भी उसका विवरण उम्मीदवार को अपने शपथपत्र में देना अनिवार्य होगा। अदालत का मानना है कि इस व्यवस्था से चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता आएगी और संपत्ति छिपाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगा।

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को चुनावी सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि यह फैसला गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों के साथ-साथ देशभर में चुनावी पारदर्शिता और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही को मजबूत करने की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण मिसाल साबित होगा।

Latest Posts

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: गुजरात निकाय चुनाव में उम्मीदवारों को जीवनसाथी की संपत्ति का भी देना होगा पूरा ब्योरा
गुजरात : गृह विभाग का बड़ा फैसला: आरोपी के बरी होने पर पुलिस अधिकारी और सरकारी वकील की होगी जवाबदेही तय
सूरत : इनडोर स्टेडियम में गरबा आयोजन के लिए निगम ने जारी किया टेंडर, 10 दिन का किराया घटाकर ₹20 लाख किया
सूरत : स्व. सेवंतीबेन पांडुरंग सावंत की स्मृति में 22वीं निःशुल्क शिरडी यात्रा संपन्न, 120 से अधिक वरिष्ठ नागरिक सुरक्षित लौटे
सूरत : टूटी सड़कों की मरम्मत अब ठेकेदार करेगा अपने खर्च पर, नगर आयुक्त का सभी विभागों को तत्काल निर्देश