असम में बाढ़ का तांडव जारी: रेलवे पुल ढहने से यातायात ठप, गृह मंत्री अमित शाह ने ली स्थिति की
गुवाहाटी, 29 जून (वेब वार्ता)। असम में भारी बारिश और बाढ़ के कारण हालात भयावह हो गए हैं। धेमाजी जिले में सिमेन नदी का जलस्तर बढ़ने से वहां बना रेलवे पुल आंशिक रूप से ढह गया है, जिसके चलते अर्चिपाथर और सिमेन चपारी स्टेशनों के बीच ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया है।
बाढ़ का रौद्र रूप धेमाजी, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और कोकराझार जिलों में देखा जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य के छह जिलों में 22,000 से अधिक लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं और 96 गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं।
केंद्रीय सहायता का भरोसा
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बात की और बाढ़ से उपजे हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने शाह को राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
वहीं, गृह मंत्री ने असम को केंद्र की ओर से हर संभव सहायता और मदद का पूर्ण भरोसा दिलाया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां भी खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं।
फसलों और मवेशियों को भारी नुकसान
बाढ़ के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसमें 1,690 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि नष्ट हो गई है। प्रभावित इलाकों में केवल इंसानों को ही नहीं, बल्कि लगभग 48,000 से ज्यादा मवेशियों और जानवरों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। लगातार हो रही बारिश ने हालात को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल व्याप्त है। बचाव दल प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
