वडोदरा : मोबाइल पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सक ने हीटर की गर्मी से चाचावर पक्षी की जान बचाई

मोबाइल पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सक ने चाचावर पक्षी की जान बचाई

मोबाइल पशु चिकित्सालय की त्वरित चिकित्सा सेवा से मेहमान स्वरुप विदेशी पक्षी को नया जीवन मिला

बदलते वातावरण का प्रभाव पशु-पक्षियों पर भी होता है, लेकिन इन अबोल जीवों के लिए कौन है? वर्तमान में बदलते मौसम की वजह से इंसान, जानवर और यहां तक ​​कि पक्षी भी प्रभावित हो रहे हैं। लोग बीमार होंगे तो 108 एंबुलेंस आएगी और कोई पशु-पक्षी बीमार होगा तो कौन आएगा? तो जवाब है राज्य सरकार की करुणा एम्बुलेंस-1962 और मोबाइल पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सक।
शुक्रवार को डभोई तालुका की एम्बुलेंस मोबाइल पशु चिकित्सा क्लिनिक (एमवीडी) सिमलिया के पशु चिकित्सक डॉ.चिरागभाई परमार के साथ चालक तौसिफभाई पठान  के साथ दोपहर में इलाज के लिए सिमलिया गांव गए थे। चिरागभाई की नजर एक पक्षी पर पड़ी जो आसमान से उड़ते-उड़ते जमीन पर आ गिरा। यह पक्षी एक बहुत ही छोटे प्रकार का चकली जिसे स्वॉलो (तरोडियु) कहा जाता है जो एक बहुत ही दुर्लभ पक्षी है। यह एक प्रवासी पक्षी है। जो सर्दियों में कुछ खास इलाकों में ही देखने को मिलती हैं। यह पक्षी डभोई के पास विदेशी पक्षियों के पीहर समान वढवाणा झील के आसपास देखने को मिलते है। 
यह पक्षी  वातावरण में बदलाव के कारण शरीर के तापमान में अचानक गिरावट के कारण जमीन पर गिर गया। किसी जीवदया प्रेमी ने करुणा एम्बूलेंस 1962 पर जानकारी दी। करुणा एम्बूलेंस ने तत्काल इसकी सूचना मोबाइल वैन को दी और  मोबाइल वैन को स्थल पर पहुंच कर पक्षी का आवश्यक उपचार करने के लिए कहा। डॉ. चिराग और उनकी टीम ने मौके पर जाकर देखा कि चिड़िया ठंड के कारण आघात में था।  डॉ. चिराग ने अपने कौशल और विशेष विशेषज्ञता के कारण इस अमूल्य पक्षी (सावलो) को रुई में लपेटकर हिट थेरापी दिया और एम्बूलेंस का हीटर चालू कर तकरीबन 40 मिनट तक जरुरी थेरापी कर उसे उड़े नया जीवन दिया। यह एक पक्षी विज्ञानी के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है और एक पशु चिकित्सक ने ऐसे पक्षी के जीवन को बचाने और एक अबोल पक्षी के जीवन को बचाने का सराहनीय कार्य किया है।

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