वडोदरा : चौथे गुजरात स्टेट फाइनेंस कमीशन ने वडोदरा जिले की नगर पालिकाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा की

वडोदरा कलेक्ट्रेट में हुई अहम बैठक, बजट, प्रशासनिक चुनौतियों और राजस्व वृद्धि के सुझावों पर हुई विस्तृत चर्चा

वडोदरा : चौथे गुजरात स्टेट फाइनेंस कमीशन ने वडोदरा जिले की नगर पालिकाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा की

चौथे गुजरात स्टेट फाइनेंस कमीशन की एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को वडोदरा कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई, जिसमें वडोदरा जिले की सभी नगर पालिकाओं के बजट और प्रशासनिक स्थिति की समीक्षा की गई। इस बैठक में जिले की पांचों नगर पालिकाओं के चीफ ऑफिसर्स ने भाग लिया।

बैठक चतुर्थ गुजरात स्टेट फाइनेंस कमीशन के चेयरमैन यमलभाई व्यास की अध्यक्षता में तथा जिला कलेक्टर अनिल धामेलिया की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक के दौरान नगर पालिकाओं की बजट स्थिति, वास्तविक आय और वास्तविक व्यय, स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना एवं 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त अनुदान और उसके व्यय, राजस्व एवं खर्च से जुड़े वित्तीय मुद्दे, प्रशासनिक व तकनीकी चुनौतियों तथा राजस्व बढ़ाने से संबंधित सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई।

नगर पालिकाओं के चीफ ऑफिसर्स ने चौथे स्टेट फाइनेंस कमीशन को लागू करने से पूर्व वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए सकारात्मक, व्यावहारिक और नए सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान रीजनल कमिश्नर (एन.पी.) कार्यालय, वडोदरा ज़ोन की ओर से एक विस्तृत प्रेजेंटेशन भी दिया गया।

फाइनेंस कमीशन को सभी नगर पालिकाओं से रचनात्मक और उपयोगी सुझाव प्राप्त हुए। कमीशन के चेयरमैन एवं सदस्यों ने नगर पालिकाओं को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करते हुए बैठक को सफल बताया।

वडोदरा कलेक्ट्रेट में आयोजित इस बैठक में चौथे गुजरात स्टेट फाइनेंस कमीशन के मेंबर सेक्रेटरी बी. पी. चौहान, सर्वे मेंबर जयंतीलाल पटेल, सुनील सोलंकी, अभयसिंह चौहान, रेजिडेंट एडिशनल कलेक्टर बी. एस. पटेल, रीजनल कमिश्नर (म्युनिसिपैलिटी), एडिशनल कलेक्टर तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि स्टेट फाइनेंस कमीशन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को राज्य करों, अन्य आय स्रोतों और अनुदानों में उचित हिस्सा देने, उनके खर्च को तर्कसंगत बनाने तथा आय के स्रोत बढ़ाने को लेकर राज्य सरकार को सुझाव देना है।

Tags: Vadodara