वडोदरा : वाघोडिया में आयुष मेले का आयोजन, कुपोषण मुक्त करने की दिशा में अहम पहल
ज़िला पंचायत अध्यक्ष गायत्रीबेन महिडा की अध्यक्षता में आयुर्वेद विभाग और पारुल इंस्टीट्यूट के बीच हुआ ऐतिहासिक MoU
वडोदरा के वाघोडिया स्थित कुमार स्कूल में गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को ज़िला पंचायत अध्यक्ष गायत्रीबेन महिडा की अध्यक्षता में आयुर्वेद ब्रांच, ज़िला पंचायत वडोदरा एवं पारुल इंस्टीट्यूट ऑफ़ आयुर्वेद एंड रिसर्च, लिमडा के संयुक्त तत्वावधान में आयुष मेले का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वडोदरा के वाघोडिया तालुका की आंगनवाड़ियों में पंजीकृत बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के उद्देश्य से दोनों संस्थाओं के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस MoU के तहत वाघोडिया तालुका की सभी आंगनवाड़ियों में पंजीकृत बच्चों को आयुर्वेदिक उपचार, पोषण संबंधी मार्गदर्शन और नियमित देखरेख उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे कुपोषण की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में ज़िला पंचायत अध्यक्ष गायत्रीबेन महिडा ने कहा कि आयुष मेला आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने पारंपरिक घरेलू नुस्खों से लेकर आयुर्वेद की विभिन्न उपचार पद्धतियों के लाभों की जानकारी दी और वाघोडिया तालुका को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में किए गए इस MoU को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में कुपोषण से जूझ रहे लगभग 400 बच्चों की संख्या शून्य तक लाई जा सकेगी और तालुका पोषण के क्षेत्र में अग्रणी बनेगा।
उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और अभिभावकों से भी पोषण अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने तथा दैनिक आहार में बाजरे के अधिक उपयोग की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि आज की तनावपूर्ण जीवनशैली में आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा जैसे आयुष पद्धतियां स्वस्थ और संतुलित जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
ज़िला उप प्रमुख अश्विनभाई पटेल ने अपने संबोधन में स्वस्थ जीवनशैली के लिए आयुर्वेद अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि कुपोषण देश की गंभीर समस्याओं में से एक है, जिसके समाधान के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए आयुर्वेद के लाभों पर प्रकाश डाला।
पारुल इंस्टीट्यूट आयुष सेंटर की चेयरमैन कोमलबेन पटेल ने संस्थान द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न आयुष सेवाओं की जानकारी दी। वहीं, चीफ डिस्ट्रिक्ट आयुर्वेद ऑफिसर डॉ. डाहिमा ने स्वागत भाषण में आयुर्वेद की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए आयुष विभाग, ICDS विभाग और पारुल इंस्टीट्यूट के बीच हुए MoU को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया अध्याय बताया। डॉ. सारिका ने आयुष मेले की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए दैनिक दिनचर्या, पंचकर्म और अन्य आयुर्वेदिक उपचारों की जानकारी दी।
आयुष मेले के दौरान आंगनवाड़ी के स्वस्थ बच्चों को न्यूट्रिशन किट वितरित की गईं तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, हेल्दी चाइल्ड प्रतियोगिता और हेल्थ क्विज़ के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। मेले में योग प्रदर्शन, स्वास्थ्य प्रश्नोत्तरी और आयुर्वेद, योग एवं नेचुरोपैथी से संबंधित परामर्श एवं स्वास्थ्य सेवाएं भी दी गईं, जिनका बड़ी संख्या में नागरिकों ने लाभ उठाया।
उल्लेखनीय है कि वडोदरा ज़िला पंचायत के इतिहास में यह पहला ऐसा MoU है, जो विशेष रूप से कुपोषण उन्मूलन के लिए किया गया है। वाघोडिया तालुका में कुल 175 आंगनवाड़ियां हैं, जिनमें लगभग 400 कुपोषित बच्चे हैं। इस पहल के तहत सभी बच्चों की स्क्रीनिंग की जाएगी, दो आयुष अस्पतालों में प्राथमिक उपचार तथा पारुल इंस्टीट्यूट आयुष सेंटर में आवश्यक आगे का उपचार, दवाइयां, आवागमन, आवास और पोषण किट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि बच्चों को पूर्ण रूप से कुपोषण से मुक्त किया जा सके।
कार्यक्रम में ज़िला पंचायत के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नरेशभाई पुराणी, हेल्थ कमिटी चेयरमैन नरेंद्रभाई रोहित, CDPO, TDO, ज़िला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, THOs, आयुष विशेषज्ञ और छात्र स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
