वडोदरा जिले में लेप्रोसी डिटेक्शन कैंपेन के तहत व्यापक सर्वे, 98 नए मरीजों की पहचान
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 1682 टीमों ने घर-घर जाकर किया सर्वे, सभी मरीजों का इलाज शुरू
‘लेप्रोसी फ्री गुजरात’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में गुजरात सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने वडोदरा जिले में ‘लेप्रोसी केस डिटेक्शन कैंपेन’ (LCDC) को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह इंटेंसिव सर्वे अभियान 8 दिसंबर 2025 से 27 दिसंबर 2027 तक वडोदरा जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संचालित किया गया।
इस व्यापक अभियान के तहत कुल 1682 टीमों को तैनात किया गया, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 1282 और वडोदरा नगर निगम क्षेत्र में 400 टीमें शामिल थीं। इन टीमों ने घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच की, साथ ही स्कूलों और ईंट-भट्टों जैसे श्रमिक बहुल क्षेत्रों में भी सर्वे किया।
सर्वे के दौरान लेप्रोसी के लक्षणों वाले कुल 6697 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई। विस्तृत चिकित्सकीय जांच के बाद इनमें से 98 नए लेप्रोसी मरीजों की पुष्टि हुई, जिन्हें तुरंत उपचार के दायरे में शामिल कर लिया गया है। राहत की बात यह रही कि अभियान के दौरान बच्चों या गंभीर रूप से विकलांग मरीजों का कोई नया मामला सामने नहीं आया।
अभियान की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके साथ ही जिला लेप्रोसी अधिकारी ने फील्ड विजिट कर सर्वे कार्य की निगरानी की और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह अभियान लेप्रोसी के मामलों की समय पर पहचान और मुफ्त, पूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुआ है। ऐसे इंटेंसिव सर्वे अभियानों से भविष्य में बीमारी की शीघ्र पहचान और रोकथाम को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
