वडोदरा : भीलापुर के सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल ने रचा भरोसे का इतिहास, कम AMH वाली महिलाओं को मिला मातृत्व का सुख
डॉ. कृतिका ठक्कर के आयुर्वेदिक उपचार से मुंबई, वडोदरा सहित कई शहरों की महिलाएं बनीं मां
वडोदरा जिले के भीलापुर स्थित सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल ने इनफर्टिलिटी के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। यहां एंटी-मुलरियन हॉर्मोन (AMH) की समस्या से जूझ रही महिलाओं को आयुर्वेदिक उपचार के जरिए मातृत्व का सुख मिल रहा है। अस्पताल की मेडिकल ऑफिसर डॉ. कृतिका ठक्कर कई महिलाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी हैं।
प्राइवेट अस्पतालों में लंबे समय तक इलाज कराने और महंगे प्रोसीजर के बावजूद जब कई महिलाओं को सफलता नहीं मिली, तब उन्होंने सरकारी आयुर्वेदिक प्रणाली का रुख किया। आयुर्वेदिक इलाज से न केवल उनका AMH लेवल बेहतर हुआ, बल्कि गर्भधारण भी संभव हो सका। अब तक करीब आठ महिलाएं डॉ. कृतिका ठक्कर के उपचार से मां बन चुकी हैं या गर्भवती हैं।
मुंबई की रहने वाली 40 वर्षीय शिक्षिका रेखाबेन पटेल इसका जीवंत उदाहरण हैं। सात साल की एक बेटी होने के बावजूद वह दूसरे बच्चे के लिए कई वर्षों से प्रयास कर रही थीं। जांच में उनका AMH लेवल कम पाया गया, जिससे IVF और IUI जैसे आधुनिक प्रोसीजर भी संभव नहीं थे। वर्ष 2024 में उन्होंने भीलापुर आयुर्वेदिक अस्पताल में डॉ. कृतिका ठक्कर से संपर्क किया। नियमित आयुर्वेदिक उपचार और देखभाल के बाद आज रेखाबेन स्वस्थ हैं और सात महीने की गर्भवती हैं।
इसी तरह वडोदरा के मकरपुरा क्षेत्र की 27 वर्षीय प्रियंका दर्शन सोलंकी भी कम AMH और थायरॉइड की समस्या के कारण गर्भधारण नहीं कर पा रही थीं। डॉ. कृतिका ठक्कर के उपचार के बाद वह एक बेटी की मां बन चुकी हैं। प्रियंका ने बताया कि डॉक्टर पर उनका भरोसा इतना है कि वह हर सप्ताह वडोदरा से भीलापुर इलाज और फॉलोअप के लिए आती
हैं।
डॉ. कृतिका ठक्कर ने बताया कि पिछले एक साल में वडोदरा, अहमदाबाद और मुंबई जैसे दूर-दराज़ क्षेत्रों से महिलाएं इनफर्टिलिटी के इलाज के लिए उनके पास आईं। आयुर्वेदिक दवाओं और जीवनशैली में सुधार से उनके AMH लेवल में सुधार हुआ और गर्भधारण संभव हुआ। उन्होंने कहा कि भीलापुर अस्पताल केवल फर्टिलिटी ही नहीं, बल्कि थायरॉइड, डायबिटीज, प्रोस्टेट, किडनी, पीरियड्स और सर्वाइकल जैसी लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों के इलाज का भी भरोसेमंद केंद्र बन चुका है।
अप्रैल 2023 में नियुक्ति के बाद से डॉ. कृतिका ठक्कर के नेतृत्व में अस्पताल में रोजाना करीब 70 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जहां उन्हें मुफ्त आयुर्वेदिक उपचार और पंचकर्म थेरेपी दी जाती है। इनफर्टिलिटी से जूझ रहे दंपतियों के लिए भीलापुर का यह सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल उम्मीद और विश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है। नेचुरल और होलिस्टिक उपचार के प्रति बढ़ती रुचि के बीच, आयुर्वेद अब फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के क्षेत्र में एक प्रभावी और भरोसेमंद विकल्प के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।
